
न्यूजीलैंड में जॉब करने की प्लानिंग कर रहे भारतीयों के लिए जरूरी खबर है। यहां अंग्रेजी को लेकर एक अहम फैसला लिया गया है। सरकार अगले महीने से ‘एक्रेडिटेड एंप्लॉयर वर्क वीजा’ (AEWV) के तहत काम करने वाले और ज्यादा वर्कर्स के लिए अंग्रेजी भाषा की न्यूनतम जरूरत को अनिवार्य कर रही है। अब इस नियम के दायरे में वो नौकरियां भी आएंगी, जो ANZSCO और नेशनल ऑक्यूपेशन लिस्ट के ‘स्किल लेवल 3’ के अंतर्गत आती हैं।
दरअसल, इमिग्रेशन मंत्री एरिका स्टैनफर्ड का कहना है कि ‘स्किल लेवल 3’ वाले लोग AEWV के तहत सबसे बड़ा ग्रुप हैं। उन्होंने कहा, ‘बुनियादी, रोजमर्रा की अंग्रेजी की जानकारी होने से ये सुनिश्चित होता है कि वर्कर को अपने अधिकार मालूम होते हैं और वह वर्कप्लेस के साथ-साथ कम्युनिटी में भी घुल-मिल पाता है।’ ‘स्किल लेवल 3’ के तहत आने वाली जॉब के लिए IELTS में 4.0 बैंड स्कोर या इसके बराबर के स्कोर की जरूरत होगी, जो केवल बुनियादी बातचीत के लिए होता है।
अंग्रेजी को लेकर नया नियम क्यों ला रही सरकार? – इमिग्रेशन मंत्री ने कहा, ‘अभी अंग्रेजी के लिए जो लेवल (IELTS में 4.0 बैंड स्कोर) तय किया गया है। अगर किसी को इस स्तर की भी अंग्रेजी आती होगी, तो वह रोजमर्रा के जीवन में बातचीत कर पाएगा। ये अंग्रेजी के अडवांस्ड लेवल को नहीं दर्शाती है।’ यह बदलाव उन लोगों के लिए है जो न्यूजीलैंड में काम करना चाहते हैं और बाद में वहां स्थायी रूप से बसने (रेजिडेंस) की इच्छा रखते हैं। हालांकि, यह नियम मौसमी वीजा यानी सीजनल वीजा होल्डर्स पर लागू नहीं होगा।
दरअसल, न्यूजीलैंड में स्किल ट्रेड्स से जुड़ी खूब सारी वैकेंसी निकलती हैं, लेकिन दिक्कत ये है कि इन नौकरियों में ज्यादातर ऐसे लोगों की हायरिंग कर ली जाती है, जिन्हें अंग्रेजी की बेसिक जानकारी नहीं है। कंपनियों के आगे मजबूरी होती है, क्योंकि उनका काम रुक रहा होता है, जिस वजह से वह कम अंग्रेजी आने पर भी जॉब दे देती हैं। इससे दिक्कत ये है कि जब वर्कर यहां काम करने आता है, तो उसे समाज में घुलने-मिलने में दिक्कत होती है। इसे दूर करने के लिए नियम लाया गया है।
ANZSCO और नेशनल ऑक्यूपेशन लिस्ट (स्किल लेवल 3) क्या हैं? – ANZSCO: इसे न्यूजीलैंड सरकार के आधिकारिक कैटेगरी सिस्टम के तौर पर जाना जाता है। इसमें ये बताया जाता है कि किसी नौकरी के लिए कौन से स्किल, एजुकेशन और कितना वर्क एक्सपीरियंस चाहिए।
स्किल लेवल 3: इसमें वो जॉब्स शामिल होती हैं, जिनके लिए कम से कम एक सर्टिफिकेट IV, डिप्लोमा या न्यूजीलैंड में कम से कम दो साल वर्क एक्सपीरियंस चाहिए। ये स्किल वर्कर्स के लिए होती है।
स्किल लेवल 3 के तहत कौन सी जॉब्स आती हैं? – न्यूजीलैंड में स्किल लेवल 3 के तहत ज्यादातर वो जॉब्स आती हैं, जिसके लिए किसी खास स्किल या फिर टेक्निकल नॉलेज की जरूरत है। नीचे इस कैटेगरी में आने वाली जॉब्स की जानकारी दी गई है।
ट्रेड्स: इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर (बढ़ई), प्लंबर और मोटर मैकेनिक जैसी ट्रेड्स जॉब।
हेल्थकेयर और केयर वर्क: नर्सिंग असिस्टेंट, डेंटल असिस्टेंट और एंबुलेंस अटेंडेंट की जॉब।
IT और टेक्निकल: IT सपोर्ट टेक्नीशियन, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर से जुड़ी जॉब।
अन्य: इस कैटेगरी में शेफ, बेकर, हेअरड्रेसर और विभिन्न प्रकार के सुपरवाइजर या एडमिनिस्ट्रेशन जॉब्स आते हैं।
भारतीय वर्कर्स पर नियम का क्या असर होगा? – इस नियम के दायरे में वो सभी भारतीय वर्कर्स आएंगे, जो न्यूजीलैंड जाकर ‘स्किल लेवल 3’ की नौकरियां करना चाहते हैं। ये नियम पहले सिर्फ उन्हीं वर्कर्स पर लागू होता था, जो कम स्किल वाले थे, यानी वो लेवल 4 या 5 की जॉब्स कर रहे थे। मगर अब ज्यादा वर्कर्स को इसके दायरे में लाया गया है। इस वजह से अब भारतीयों को भी जॉब लेते वक्त दिखाना होगा कि उन्हें अंग्रेजी की जानकारी है। वैसे तो IELTS एग्जाम में 4.0 बैंड स्कोर लाना ज्यादा मुश्किल नहीं होता है, लेकिन बस अब जॉब के लिए अप्लाई करने के प्रोसेस में एक फेज और जुड़ गया है।
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