Thursday , October 1 2026 5:06 PM
Home / Uncategorized / घातक रूसी फाइटर जेट के ‘स्वदेशीकरण’ की तैयारी, MiG-29K का सब सिस्टम भारत में होगा तैयार, नेवी के दो जंगी जहाजों पर है तैनाती

घातक रूसी फाइटर जेट के ‘स्वदेशीकरण’ की तैयारी, MiG-29K का सब सिस्टम भारत में होगा तैयार, नेवी के दो जंगी जहाजों पर है तैनाती


डिफेंस सेक्टर में भारत लगातार स्वदेशीकरण (Indigenization) पर जोर दे रहा है। भारतीय नौसेना ने अब इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है, जिसमें भारतीय कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। इन कंपनियों को रूस में बने घातक लड़ाकू विमान MiG-29K के बेड़े (Fleet) के लिए बेहद जरूरी सब सिस्टम तैयार करना है।
ध्यान रहे कि MiG-29K वही लड़ाकू विमान है, जिसे भारतीय नौसेना ( Indian Navy ) ने अपने दो विमानवाहक पोतों पर तैनात कर रखा है। भारतीय कंपनियों को इसके लिए एक सब सिस्टम तैयार करने की जिम्मेदारी लेनी होगी। यहां बता दें कि सब सिस्टम किसी भी बड़ी प्रक्रिया का एक छोटा कार्यात्मक हिस्सा होता है, जो अपना काम करते हुए मुख्य सिस्टम को काम करने में मदद करता है। उदाहरण के तौर पर कंप्यूटर को ठंडा करने के लिए कूलिंग सिस्टम लगा होता है। यहां कूलिंग सिस्टम एक सब सिस्टम है।
MiG-29K की खासियत जानें – MiG-29K एक अत्याधुनिक और हर मौसम में उड़ने वाला सुपरसोनिक मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है।
यह भारतीय नौसेना के लिए मुख्य कैरियर-आधारित स्ट्राइक विमान के तौर पर काम करता है।
भारतीय नौसेना ने इसकी तैनाती INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत पर कर रखी है।
MiG-29K का मुख्य फोकस हवाई वर्चस्व, समुद्री हमले और समुद्री क्षेत्र में दुश्मन को रोकने पर होता है।
यह लड़ाकू विमान कैरियर बैटल ग्रुप्स की सुरक्षा करने और अपनी ताकत का प्रदर्शन करने में बेजोड़ है।
किन कंपनियों को मिलेगा मौका – इंडियन नेवी ने भारत की ऐसी प्रतिष्ठित कंपनियों से सूचना देने का अनुरोध (RFI) किया है, जो इस जिम्मेदारी को निभाते हुए बेहतरीन सब सिस्टम का निर्माण कर सकें। नेवी ने उन कंपनियों को आमंत्रित किया है, जो MiG 29K/KUB फाइटर जेट के लिए ‘ग्राउंड ऑटोमेटेड टेस्ट सिस्टम (NASK 1-29K) और कैरियर-आधारित ऑटोमेटेड टेस्ट सिस्टम (KSAK 1-29K) के स्वदेशी डिजाइन और विकास से जुड़ा प्रोजेक्ट पूरा कर सके। नौसेना उन कंपनियों को प्राथमिकता देगी, जिसके पास इसके लिए तकनीकी और आर्थिक क्षमता के साथ-साथ बुनियादी ढांचा और अनुभव हो।
किन सिस्टम के लिए बनेगा सब सिस्टम – भारतीय नौसेना NASK 1-29K और KSAK 1-29K के लिए प्रोजेक्ट पूरा करना चाहती है। ये ऑटोमेटेड टेस्ट सिस्टम MiG 29K/KUB विमानों पर अलग-अलग तय मेंटेनेंस टास्क कार्ड को पूरा करने के लिए इस्तेमाल होते हैं। इन सभी उपकरणों और सिस्टम की टेस्टिंग में ये शामिल हैं, जैसे फ्यूल सिस्टम, एयर डेटा सिस्टम, एवियोनिक्स, फ्लाई-बाय-वायर, इलेक्ट्रिकल पावर जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, हथियार लोड करने की तैयारी में आर्मामेंट सिस्टम की टेस्टिंग, रडार और उसके सब-कंपोनेंट्स के अलग-अलग मोड्स और फंक्शनैलिटी/परफॉर्मेंस की टेस्टिंग और इंजन पैरामीटर्स की टेस्टिंग और जांच।
PSU के साथ मिलकर करना होगा काम! – ये सिस्टम यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं कि कैरियर ऑपरेशन्स के दौरान MiG-29K हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहे। निजी कंपनियां संभवतः रक्षा PSUs और रिसर्च संगठनों के साथ मिलकर काम करेंगी। इस कदम का मकसद स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करना और सप्लाई चेन पर नियंत्रण के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना है। बता दें कि वर्तमान समय में नौसेना को इसके रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और सर्विस से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।