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कोहली के सचिन से तुलना जल्दबाजी दौड़ में और भी : पोंटिंग

 

leadनयी दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज रिकी पोंटिंग का मानना है कि विराट कोहली को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने विरोधियों से कडी टक्कर मिलेगी और जो भी मानसिक रुप से मजबूत होगा उसका करियर बेहतर होगा. ब्रेट ली ने हाल मे कहा था कि फिलहाल कोहली सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर हैं और उन्होंने स्टीव स्मिथ, जो रुट और केन विलियमसन जैसे खिलाडियों की अनदेखी की लेकिन लंबे समय तक उनके कप्तान रहे पोंटिंग का मानना है कि ‘सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज’ की बहस को खत्म करने का समय अब भी नहीं आया है.

अपने घरेलू राज्य तस्मानिया के ब्रांड दूत के रुप में भारत आए पोंटिंग ने कहा, ‘‘सच कहूं तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि फिलहाल सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज कौन है. मुझे सिर्फ इन खिलाडियों (कोहली, स्मिथ, विलियमसन और रुट) को खेलते हुए देखना पसंद है. फिलहाल कई ऐसे खिलाड़ी है जो संभवत: समान करियर की राह पर आगे बढ़ रहे हैं.’

पोंटिंग ने कहा, ‘‘संभवत: आयु कोहली के पक्ष में है. अब तक उसका एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय करियर शानदार रहा है. हम सभी को पता है कि इस बार आईपीएल में उसे क्या किया (चार शतक जड़े). वह बेहद कुशल और प्रतिभावान खिलाड़ी है. इसके अलावा उसके पास रवैया है और सर्वश्रेष्ठ बनना चाहता है और सर्वश्रेष्ठ तरीके से अपने देश की अगुआई करना चाहता है.’

पोंटिंग ने कहा, ‘‘स्मिथ और विलियमसन भी उसी नाव पर सवार हैं. मुझे लगता है कि जो मानसिक रुप से सर्वश्रेष्ठ होगा उसका करियर रिकार्ड सर्वश्रेष्ठ रहेगा.” रिकार्ड के लिए कोहली ने अब तक 37 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़े हैं जबकि रुट, स्मिथ और विलियमसन के नाम पर क्रमश: 18, 20 और 21 अंतरराष्ट्रीय शतक दर्ज हैं.

इन चारों खिलाडियों ने बराबर टेस्ट खेले हैं लेकिन कोहली ने अपने इन समकक्षों की तुलना में काफी अधिक एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है और उनके नाम पर पहले ही 25 शतक दर्ज हैं. कोहली और सचिन तेंदुलकर की तुलना के बारे में पूछने पर पोंटिंग ने कहा कि इन दोनों भारतीयों की तुलना अभी करना जल्दबाजी है.

दो बार विश्व कप विजेता टीम के कप्तान रहे पोंटिंग ने कहा, ‘‘मैं कहूंगा कि विराट का करियर खत्म होने का इंतजार कीजिए. विराट अब भी काफी युवा है. कल उसे कोई बुरी चोट लग सकती है और हो सकता है वह दोबारा नहीं खेले और फिर संभवत: सचिन के साथ कोई तुलना नहीं होगी जिन्होंने 200 टेस्ट खेले हैं और विराट ने 50 या 60 के आसपास. इसलिए कोई तुलना नहीं होगी.”

पोटिंग ने टेस्ट क्रिकेट में दो स्तर की प्रणाली पर भी अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा, ‘‘टेस्ट चैम्पियनशिप और दो डिविजन की प्रतियोगिता के बारे में लंबे समय से बात हो रही है और अब तक कोई सही कार्यक्रम तैयार नहीं हो पाया है.” उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह सवाल टेस्ट से अधिक एकदिवसीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण है. फिलहाल एकदिवसीय क्रिकेट का प्रारुप सबसे अधिक अतार्किक लग रहा है.”

 

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