
संसद की सुरक्षा में लगे 1400 से अधिक सीआरपीएफ कर्मचारियों के हटने के बाद सोमवार से इसकी पूरी जिम्मेदारी सीआईएसएफ ने संभाल ली। इसके 3,300 से अधिक कर्मियों ने इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि संसद में तैनात रहे CRPF के पार्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप (PDG) ने 17 मई को अपने 1400 जवानों को वापस बुला लिया है। साथ ही अपने सारे वाहन, हथियार और कमांडो भी हटा लिए हैं।
CISF के 3300 जवानों को सुरक्षा का जिम्मा – CRPF के कमांडर DIG रैंक के अधिकारी ने संसद सुरक्षा से जुड़ी सारी जानकारी CISF को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 13 दिसंबर को सुरक्षा चूक की घटना के बाद सरकार ने सीआईएसएफ को सीआरपीएफ से सुरक्षा कार्यभार संभालने को कहा था। साल 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले की बरसी पर एक बड़ी सुरक्षा चूक में 13 दिसंबर, 2023 को शून्यकाल के दौरान दो व्यक्ति दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए थे और उन्होंने कैन से पीला धुआं छोड़ा था। इन लोगों को सांसदों ने पकड़ लिया था। उस दिन लगभग उसी समय संसद परिसर के बाहर दो अन्य व्यक्तियों ने नारे लगाते हुए कैन से रंगीन धुआं छोड़ा था।
सीआरपीएफ के 1400 जवान हटाए गए – इस घटना के बाद सीआरपीएफ महानिदेशक की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई थी। सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इसके साथ ही अब तक संसद की संयुक्त रूप से सुरक्षा करने वाले सीआरपीएफ पीडीजी, दिल्ली पुलिस (लगभग 150 कर्मी) और संसद सुरक्षा स्टाफ (पीएसएस) को हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ के कर्मी पिछले 10 दिन से परिसर से परिचित होने का अभ्यास कर रहे हैं।
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