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UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस से मिले शहबाज, कश्मीर का अलापा राग, संयुक्त राष्ट्र में सुधारों पर कही ये बात


संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस पाकिस्तान के दौरे पर हैं। बुधवार को उन्होंने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। इस दौरान गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद के चुने हुए सदस्य के तौर पर विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को आगे बढ़ाने कोशिशों के लिए पाकिस्तान की भूमिका की तारीफ की। इसमें खासकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव में मध्यस्थता की भूमिका शामिल है। गुटेरेस से मुलाकात के दौरान शहबाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के साथ कश्मीर को लेकर चर्चा की। शरीफ ने लिखा, “पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का स्वागत करना खुशी की बात थी।” पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र में गुटेरेस के सिद्धांतों पर आधारित नेतृत्व की तारीफ की।
कश्मीर का उठाया मुद्दा – शरीफ ने बताया कि दोनों नेताओं ने मध्यस्थता की कोशिशों, संयुक्त राष्ट्र में सुधार, शांति बनाए रखने के प्रयासों, क्षेत्रीय शांति, कश्मीरी और फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों और विकासशील देशों के लिए सस्ती फाइनेंसिंग की जरूरत पर चर्चा की। शरीफ ने गुटेरेस के सामने दोहराया कि पाकिस्तान एक ज्यादा असरदार और सभी का प्रतिनिधित्व करने वाले संयुक्त राष्ट्र के लिए प्रतिबद्ध है और विवादों को सुलझाने और तनाव बढ़ने से रोकने का एकमात्र तरीका बातचीत और कूटनीति है।
इस दौरान शहबाज ने अफगानिस्तान की जमीन से काम करने वाले चरमपंथी समूहों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “मैंने शांतिपूर्ण अफगानिस्तान और अफगानिस्तान की जमीन से काम करने वाले आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की अहमियत पर जोर दिया।” पाकिस्तान आरोप लगाता है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल चरमपंथी समूह पाकिस्तान पर हमले के लिए कर रहे हैं। अफगानिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है।
पाकिस्तान विदेश सेवा अकादमी में संबोधन – बुधवार को ही गुटेरेस ने पाकिस्तान की विदेश सेवा अकादमी में संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने दुनिया में बढ़ रहे संघर्षों को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने गाजा में शांति योजना को पूरी तरह से लागू करने की मांग की और कहा कि दो-राष्ट्र समाधान को बुलडोज करके खत्म नहीं होने दिया जा सकता। इसी कार्यक्रम में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी संबोधित किया।
इशाक डार ने किया कश्मीर का जिक्र – डार ने कहा कि “संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता, दूसरे के मामलों में दखल न देना, बल प्रयोग या धमकी न देना और आत्मनिर्णय के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि संधि के तहत दायित्वों और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, फिलिस्तीन के मुद्दे और जम्मू-कश्मीर विवाद का न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण समाधान इस प्रतिबद्धता की असली परीक्षा है।”