
दुबई एयरशो भारत के लिए ‘अशुभ’ साबित हुआ। इस आयोजन में इंडियन एयरफोर्स (IAF) के स्वदेशी फाइटर जेट तेजस का क्रैश होना भारत के लिए एक बड़ा झटका है। इस बीच हादसे को लेकर अब कई अपडेट सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पायलट ने आखिरी सेकंड तक एयरक्राफ्ट को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी कोशिश में कामयाब नहीं हो सका। हादसे की असल वजह तो कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी से ही सामने आएगी, लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि ये हादसा कंट्रोल में दिक्कत या फिर इंजन में दिक्कत की वजह से हो सकता है।
दुबई में हुए इस हादसे से भारत के स्वदेशी फाइटर जेट के प्रोजेक्ट और उनके एक्सपोर्ट की क्षमता को एक बड़ा झटका लगा है। बता दें कि दुबई एयरशो में तेजस का जो वैरिएंट क्रैश हुआ है, वह एक सिंगल-इंजन तेजस जेट था। इस हादसे में IAF पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई है। तेजस मार्क-1 फाइटर कम ऊंचाई पर एरोबैटिक डेमोंस्ट्रेशन सॉर्टी पर था, जब वह ‘नेगेटिव G-टर्न’ से उबर नहीं पाया और जमीन पर गिर गया। लोकल टाइम के हिसाब से तेजस दोपहर 2.10 बजे अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारी भीड़ के सामने आग का गोला बन गया।
अनुभवी फाइयर पायलट थे विंग कमांडर स्याल – हादसे में जान गंवाने वाले पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से थे। वह तमिलनाडु के सुलूर IAF स्टेशन पर पोस्टेड थे। उनकी पत्नी रिटायर्ड विंग कमांडर हैं। कपल की एक बेटी है, जो सात साल की है। विंग कमांडर स्याल एक अनुभवी फाइटर पायलट थे। तेजस के जमीन पर गिरने से पहले वे समय पर इजेक्ट नहीं कर पाए।
10 साल पहले IAF में किया गया था शामिल -बता दें कि तेजस को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स ने बनाया है, जिसमें अमेरिकन GE-F404 टर्बोफैन इंजन लगा है। यह हल्का मल्टी-रोल एयरक्राफ्ट है। इसे 10 साल पहले IAF में शामिल किया गया था। तब से लेकर अब तक यह एयरक्राफ्ट दूसरी बार क्रैश हुआ है। पिछले साल 12 मार्च को राजस्थान के जैसलमेर के पास हुए पहले क्रैश में पायलट सुरक्षित निकलने में कामयाब रहा था। तब जेट पोखरण में भारत शक्ति मिलिट्री एक्सरसाइज से लौट रहा था।
Home / Uncategorized / नेगेटिव G-टर्न’ से उबर नहीं पाया फाइटर जेट, जानें दुबई तेजस क्रैश पर क्या कह रहे एक्सपर्ट? इस तरह सामने आएगी असली वजह
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