
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड जे. ट्रंप जूनियर की भारत यात्रा पर अमेरिका ने तकरीबन एक लाख डॉलर खर्च किए हैं। अमेरिकी कर दाताओं का धन ट्रंप जूनियर की सुरक्षा में लगे सीक्रेट सर्विस एजेंटों, उनके ओवर टाइम, तमाम तटवर्ती इलाकों की सुरक्षा और अन्य चीजों पर खर्च हुआ है। ट्रंप जूनियर फरवरी, 2018 में व्यापार के सिलसिले में निजी यात्रा पर भारत आए थे और चार शहरों दिल्ली, मुबईं, पुणे और कोलकाता गए थे। वह ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन द्वारा बनाए जा रहे गगनचुंबी लक्जरी कांडोस (अपार्टमेंट सरीखा) के प्रचार के लिए भारत आए थे। इस परियोजना का पूरा मालिकाना हक राष्ट्रपति ट्रंप के पास है। ट्रंप जूनियर अपनी पारिवारिक कंपनी के उपाध्यक्ष हैं।
वाशिंगटन पोस्ट में गुरुवार को प्रकाशित खबर के अनुसार, उसने ट्रंप जूनियर की यात्रा पर हुए खर्च के संबंध में जानकारी सूचना की स्वतंत्रता कानून के तहत गृह मंत्रालय से हासिल की है। अखबार के अनुसार, प्राप्त दस्तावेजों से पता चलता है कि ट्रंप जूनियर की फरवरी में हुई यात्रा के दौरान होटल के कमरों, हवाई किराया, कार और सीक्रेट सर्विस एजेंट्स के ओवर टाइम पर 97,805 डॉलर का खर्च आया है। इस खबर पर अभी तक व्हाइट हाउस और डोनाल्ड जे ट्रंप जूनियर की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उनके राजनीतिक विरोधियों ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत में कांडोस के प्रचार के लिए उनकी सुरक्षा की खातिर सीक्रेट सर्विस पर कथित तौर पर किया गया खर्च करदाताओं के धन का दुरुपयोग है।
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