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इजरायल पर हमले के समय तुर्की में था हमास चीफ इस्माइल हानिया? एर्दोगन के सिक्योरिटी एडवाइजर ने दिया जवाब


तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन के सुरक्षा सलाहकार अकिफ कैगाटे किलिक ने हमास कमांडरों की मेजबानी करने के अपने देश के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि हमास के सदस्य स्वतंत्र रूप से तुर्की से आ सकते हैं। तुर्की शांति लाने के लिए हमास के साथ जुड़ रहा है और इसके वरिष्ठ लोगों ने समय-समय पर तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से मुलाकात की भी है। बताया गया है कि हमास प्रमुख इस्माइल हानियेह ने जुलाई में एर्दोगन से मुलाकात की थी और 7 अक्टूबर के हमले के दौरान भी हानिया तुर्की में था। इस पर भी अकिफ ने जवाब दिया है।
एक इंटरव्यू में अकिफ कैगाटे किलिक ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि हानिया 7 अक्टूबर को तुर्की में था या नहीं लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि वह हो भी सकता है। उन्होंने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि हमास के लोग अब कहां हैं और किस समय कहां थे। मुद्दा यह है कि हम उस युद्ध को कैसे रोक सकते हैं जो गाजा में चल रहा है और हम कैसे इस संघर्ष का हल निकाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि युद्ध रुके और शांति आए।
हम हमास को आतंकी संगठन नहीं मानते: किलिक – किलिक ने हमास के साथ तुर्की के संबंधों पर कहा कि कई देश हमास को एक आतंकवादी समूह मानते हैं लेकिन तुर्की नहीं मानता है। उन्होंने ये भी कहा कि हम आज अलग हालात में इस मुद्दे पर बात कर रहे हैं लेकिन वास्तविकता यह है कि करीब 10 साल पहले इजरायली सरकार ने खुद हमसे हमास के साथ जुड़ने और उनके साथ काम करने के लिए कहा था।
कतर छोड़कर क्‍यों भाग रहे हैं हमास के कमांडर, मोसाद के हमले का डर तो नहीं? – किलिक ने इजरायल के तुर्की की धरती पर हमास नेताओं को निशाने बनाने के खिलाफ भी चेतावनी दी। किलिक ने कहा कि तुर्की की धरती पर इजरायल का ऐसा कोई भी प्रयास पूरी तरह से अस्वीकार्य होगा। ऐसा कुछ हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन दुनिया के सबसे मुखर नेताओं में से एक हैं, जो खुलकर इजरायल के गाजा में हमले की आलोचना कर रहे हैं। एर्दोगन की ओर से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर युद्ध अपराधी के रूप में अंतरराष्ट्रीय अदालत में मुकदमा चलाए जाने की मांग भी जा चुकी है।