
ब्रिटेन की संसद के ऊपरी सदन हाऊस आफ लॉर्ड्स की सांसद मिशेल मोन और उनके पति डोग ब्रोमैन कोरोना काल के दौरान हुई फेसमास्क और सर्जिकल गाऊन की खरीद के स्कैंडल से घिर गए हैं। मिशेल मोन और उनके पति तीन साल तक इस स्कैंडल में अपनी भूमिका को लेकर इंकार करते रहे, लेकिन अब मिशेल मोन ने कबूल कर लिया है कि ब्रिटेन की सरकार ने जिस कंपनी को पी.पी.ई. मैडप्रो को कोरोना महामारी में ठेका दिया था, वह उनके पति की कंपनी है। हालांकि मिशेल ने यह भी कहा कि उन्होंने इस मामले में कोई गलती नहीं की है।
इस कंपनी को कोरोना काल में 20 करोड़ पौंड का ठेका मिला था। इस स्कैंडल के सामने आने के बाद ब्रिटेन की राजनीति में हड़कंप मचा हुआ है। इस कंपनी का गठन कोरोना काल के समय में ही किया गया था और पहले ठेके में कंपनी को 80 मिलियन पौंड के सामान की आपूर्ति का ठेका मिला जबकि दूसरे दौर में 122 मिलियन पौंड के सामान की आपूर्ति के लिए ठेका दिया गया था।
ब्रिटेन की सरकार ने अक्तूबर 2020 में पी.पी.ई. मैडप्रो को दिए गए ठेकों की जानकारी सार्वजनिक की थी और उसी समय यह मसला सामने आया था कि मिशेल मोन और उनके पति को इसमें भारी मुनाफा हुआ है, लेकिन यह दंपत्ति लगातार इस मामले में अपनी भूमिका से इंकार करता रहा परंतु अब इंग्लैंड के एक टी.वी. चैनल को दिए गए इंटरव्यू में दंपति ने उनकी कंपनी को यह ठेका मिलने की बात कबूल कर ली है। हालांकि इस बीच मिशेल ने कहा कि वह इस संबंध में मीडिया के सवालों को इसलिए टालती रही क्योंकि वह अपने परिवार को मीडिया के सवालों से बचाना चाहती थी इसलिए उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।
Home / Uncategorized / फेसमास्क स्कैंडल में घिरी ब्रिटिश सांसद मिशेल मोन, ठेका देने वाले मंत्री से क्राइम एजेंसी ने की पूछताछ
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