
यूक्रेन (Ukraine) ने हाल ही में सरकारी अधिकारियों, सैन्य कर्मियों, और महत्वपूर्ण कर्मचारियों के लिए टेलीग्राम (Telegram) मैसेजिंग ऐप के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। यह कदम यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद द्वारा उठाया गया है, जिसके अनुसार, रूस इस प्लेटफॉर्म के जरिए भेजे जाने वाले संदेशों और यूजर्स की गतिविधियों की निगरानी कर सकता है। दरअसल टेलीग्राम का उपयोग यूक्रेन और रूस दोनों में काफी बढ़ गया है, खासकर फरवरी 2022 में रूसी आक्रमण के बाद। इस प्लेटफॉर्म ने युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण सूचना साझा करने का एक साधन बन गया है। यूक्रेनी सुरक्षा अधिकारियों ने बार-बार इस बात की चिंता जताई है कि युद्ध की जानकारियों के आदान-प्रदान में इस प्लेटफॉर्म का उपयोग खतरे में डाल सकता है।
यूक्रेन की GUR सैन्य खुफिया एजेंसी के प्रमुख किरिलो बुडानोव ने परिषद के समक्ष यह सबूत पेश किया कि रूस की स्पेशल सर्विसेज टेलीग्राम में सेंध लगा सकती हैं। परिषद ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल आधिकारिक उपकरणों पर लागू होगा, जिससे सरकारी कामकाज में सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगा। आम जनता पर इस प्रतिबंध का असर नहीं पड़ेगा, ताकि नागरिक अपने संवाद को जारी रख सकें। बुडानोव ने कहा, “मैं हमेशा विचारों की स्वतंत्रता का समर्थन करता हूं, लेकिन टेलीग्राम का मुद्दा स्वतंत्रता का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का है।” यूक्रेन में लगभग 33,000 सक्रिय टेलीग्राम चैनल हैं, जिनका उपयोग राष्ट्रपति वोलोडदिमिर जेलेंस्की और अन्य सैन्य कमांडर द्वारा महत्वपूर्ण जानकारियों के आदान-प्रदान के लिए किया जाता है।
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