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भारत को भर-भरकर सोना देता है अफ्रीकी देश, दिल्‍ली ने दिया 1000 टन चावल, बुर्किना फासो के पास क‍ितना गोल्‍ड


भारत ने अफ्रीकी देश बुर्किना फासो को मानवीय मदद के तौर पर 1000 मीट्रिक टन चावल भेजे हैं। भारत की मदद का मकसद कमजोर समुदायों और विस्थापित लोगों की खाद्य सुरक्षा में सहायता करना है। बुर्किना फासो ने हालिया समय में अस्थिरता और प्राकृतिक संकट का सामना किया है। इससे देश की आर्थिक हालत चरमराई हुई है। हालांकि बुर्किना फासो खनिज संपदा से संपन्न देश है। बुर्किना फासो को अफ्रीका के सबसे बड़ा सोना उत्पादक देशों में गिना जाता है। भारत को इस देश से बड़े पैमाने पर सोना आता है।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि विस्थापित लोगों की खाद्य सुरक्षा के लिए 1000 मीट्रिक टन चावल भेजा जा रहा है। यह वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए एक विश्वसनीय विकासात्मक, मानवीय सहायता और आपदा राहत साझेदार के रूप में भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बुर्किना फासो से भारत को सोने का निर्यात – बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक, बुर्किना फासो ने साल 2025 में 94 टन सोने का रिकॉर्ड उत्पादन किया है। बुर्किना फासो का सोने का उत्पादन 2024 के मुकाबले 2025 में 30 टन बढ़ा है। सरकार ने इसका श्रेय खनन क्षेत्र में सुधार और खदानों के राष्ट्रीकरण को दिया है। देश का ध्यान सोने की खदानों को व्यवस्थित करने पर है। बुर्किना फासो ने तेजी से नेशनल गोल्ड रिजर्व बढ़ाया हैं। सितंबर 2025 तक ये आउटपुट 29.5 टन पर पहुंचा है।
बुर्किना फासो भारत के लिए सोने का महत्वपूर्ण स्रोत है। भारत को बुर्किना फासो से सोना का निर्यात होता है। इस साल जनवरी में बुर्किना फासो से भारत में रिकॉर्ड 38.6 मिलियन डॉलर का सोना आया है। इसके अलावा सीसे से बने उत्पाद (824 हजार डॉलर) और काजू (166 हजार डॉलर) आए हैं। वहीं भारत से बुर्किना फासो को दवाएं और बायोलॉजिकल्स (3.43 मिलियन डॉलर), कारें (1.63 मिलियन डॉलर) और औद्योगिक मशीनरी (1.2M डॉलर) भेजी गई है।
बुर्किना फासो में और बढ़ेगा उत्पादन – बुर्किना फासो में सोने का उत्पादन आने वाले समय में और बढ़ सकता है। बुर्किना फासो के कम विकसित सोने के भंडार बिरिमियन ग्रीनस्टोन बेल्ट में स्थित हैं। ये बेल्ट देश के कुल जमीन के 22 फीसदी हिस्से को कवर करती हैं। इससे देश में भविष्य में खनन की काफी संभावना है। यहां फिलहाल खोजबीन जारी है।