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राज्यसभा उपसभापति के लिए 17 अप्रैल को होगा चुनाव, हरिवंश पर फिर दांव लगा सकता है NDA, कांग्रेस-टीएमसी ने जताई आपत्ति


राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए 17 अप्रैल को चुनाव होगा और सत्तारूढ़ राजग (एनडीए)द्वारा हरिवंश को इस महत्वपूर्ण पद पर फिर से निर्वाचित कराने का प्रयास किए जाने की संभावना है। आपको बता दें कि हरिवंश का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होने के बाद राज्यसभा के उपसभापति का पद रिक्त हो गया था। इसके बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा हरिवंश को उच्च सदन के लिए मनोनीत किया गया और उन्होंने 10 अप्रैल को शपथ ली।
विपक्षी दलों ने जताई आपत्ति – केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने हरिवंश को उपसभापति के रूप में फिर से चुने जाने के बारे में विभिन्न दलों के नेताओं से चर्चा की है, ताकि उनके नाम पर व्यापक सहमति बन सके।
हालांकि, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दलों ने उच्च सदन में उपसभापति के पद को भरने के लिए चुनाव कराने में सत्तारूढ़ दल द्वारा दिखाई जा रही ‘‘उत्सुकता’’ पर आपत्ति जताई है, जबकि लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद 2019 से रिक्त है।
कब होगा राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव – आधिकारिक घोषणा में कहा गया कि राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए चुनाव 17 अप्रैल को पूर्वाह्न 11 बजे होगा। उपसभापति कार्यालय ने कहा कि राज्यसभा के उपसभापति का पद रिक्त है। सभापति ने राज्यसभा की कार्ययोजना और कार्य संचालन नियमों के नियम 7 के तहत, उपसभापति के उक्त पद के लिए चुनाव कराने हेतु शुक्रवार, 17 अप्रैल, 2026 की तिथि निर्धारित की है।
सदस्य कब दे सकते हैं प्रस्तावों की सूचना – राज्यसभा सचिवालय की अधिसूचना में कहा गया कि चुनाव उस दिन पूर्वाह्न 11:00 बजे सदन में दस्तावेज/रिपोर्ट रखे जाने के तुरंत बाद होगा। सदस्य 16 अप्रैल, 2026, बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे तक उपसभापति पद के चुनाव के लिए प्रस्तावों की सूचना दे सकते हैं।
कांग्रेस महासचिव ने सरकार पर लगाया आरोप – राज्यसभा के जिन सदस्यों ने अभी तक शपथ नहीं ली है, वे भी बृहस्पतिवार, 16 अप्रैल को शपथ लेंगे, जब उच्च सदन का विशेष सत्र आयोजित होगा। इस सत्र के दौरानमहिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार राज्यसभा में उपसभापति की नियुक्ति ‘‘जबरन’’ कराना चाहती है।
टीएमसी नेता ने भी जताई आपत्ति – कांग्रेस नेता ने कहा कि जो सरकार सात साल तक लोकसभा में उपाध्यक्ष की नियुक्ति नहीं करती, वह राज्यसभा में उपसभापति की नियुक्ति को चार दिन से भी कम समय में जबरन थोपना चाहती है।वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि भाजपा उच्च सदन में उपसभापति पद के लिए चुनाव 17 अप्रैल को कराना चाहती है, जबकि सांसद राज्य चुनावों में व्यस्त हैं। उन्होंने इस ‘‘जल्दबाजी’’ पर सवाल उठाया।
बीजेपी को क्योंं है इतनी जल्दी – टीएमसी नेता ओ’ब्रायन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘संसद का फिर से मजाक उड़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा उपाध्यक्ष का पद 2019 से खाली है। भाजपा को राज्यसभा का उपसभापति पद भरने की इतनी जल्दी क्यों है, जो केवल 10 दिन से खाली है?
भाकपा नेता ने सरकार से पूछे सवाल – ओ’ब्रायन ने कहा कि जब सांसद अपने राज्यों में चुनाव में व्यस्त हैं, तो भाजपा 17 अप्रैल को यह चुनाव क्यों कराना चाहती है? बेशर्मी की बात है। भाकपा नेता पी. संदोश ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘भाजपा को लोकसभा में उपाध्यक्ष के चुनाव में भी उतनी ही तत्परता दिखानी चाहिए, यह पद कई वर्षों से खाली पड़ा है। हरिवंश बिहार से जदयू उम्मीदवार के रूप में दो बार राज्यसभा के लिए चुने गए। वह दो बार उपसभापति के पद पर रहे और उच्च सदन में कई विवादास्पद मामलों को संभाला।