
दक्षिणी पश्चिमी मॉनसून को लेकर मौसम विभाग के ताजा अपडेट में स्थिति और अधिक खराब हो गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस बार पूरे मॉनसून सीजन में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। पहले जहां 92 प्रतिशत बारिश का अनुमान था, वहीं अब मॉनसून के चार महीने में महज 90 प्रतिशत बारिश का अनुमान है।
जून से ही असर दिखेगा – IMD के डीजी मृत्युंजय महापात्रा के मुताबिक, इस बार जून में भी बारिश सामान्य से कम रह सकती है। देश में जून के दौरान औसतन 166.9 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 92 प्रतिशत तक सीमित रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कमजोर मॉनसून की सबसे बड़ी वजह अल नीनो है। पहले इसके जुलाई में सक्रिय होने की संभावना थी, लेकिन अब जून में ही इसके असर दिखने के संकेत हैं।
‘खाद-बीज का पूरा भंडार’ – अल नीनो पैटर्न से बारिश सामान्य से काफी कम होने के अनुमान के बीच कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इससे जुड़ी तैयारी पर पूरा जोर दिया जा रहा है। इस बार की खरीफ फसल के लिए बीज और खाद की कोई तंगी नहीं है।
टूट सकते हैं गर्मी के रिकॉर्डः रिपोर्ट – विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और ब्रिटेन के मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अगले पांच साल दुनियाभर में फसलों, नदियों और कई चीजों को झुलसाने वाले हो सकते हैं।
2030 तक किसी एक साल तापमान 1.9 डिग्री अधिक रह सकता है
75% संभावना कि पांच सालों का औसत तापमान 1.5 डिग्री से ऊपर रहे
86% संभावना कि इन पांच सालो में कोई एक साल इतिहास का सबसे गर्म साल बने
91% संभावना है कि आने % वाले सालों में से कोई एक साल में 1.5 डिग्री से अधिक गर्म रह सकता है।
Home / News / जून से दिखेगा अल नीनो का असर, टूटेंगे गर्मी के सारे रिकॉर्ड; मॉनसून पर भी IMD ने जारी किया टेंशन वाला अलर्ट
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