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इबोला के नए स्ट्रेन से कोहराम, 30 से 50 प्रतिशत लोगों की हो रही मौत, WHO भी परेशान


विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला के 906 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनमें 223 संदिग्ध मौतें भी शामिल हैं जिनकी जांच की जा रही है। डब्लूएचओ ने कहा है कि इस नए स्ट्रेन के कारण 30 से 50 प्रतिशत लोगों की मौतें हो रही हैं। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन का प्रकोप जारी है। युगांडा में भी इस स्ट्रेन के मामले सामने आए हैं। डीआरसी ने इबोला के 125 मामलों की पुष्टि की है। इनमें इटुरी, नॉर्थ किवु और साउथ किवु में 17 मौतें शामिल हैं। हालांकि, WHO ने कहा कि अभी तक इस संक्रमण के कम्युनिटी ट्रांसमिशन का कोई मामला सामने नहीं आया है।
डब्लूएचओ ने क्या बताया – विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मई की शुरुआत में कहा था कि पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला का यह प्रकोप दो महीने पहले शुरू हुआ था। इबोला के इस दुर्लभ बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के प्रकोप को WHO ने ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित किया है। अभी तक इबोला के इस स्ट्रेन के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों के लिए यह चिंता का विषय इसलिए बन गया है क्योंकि यह एक घनी आबादी वाले इलाके में फैलने के बावजूद लंबे समय तक पकड़ में नहीं आया, जिससे संक्रमित लोगों के संपर्क में आए व्यक्तियों का पता लगाना और उन्हें अलग करना मुश्किल हो गया है।
30 से 50 प्रतिशत लोगों की हो रही मौत – WHO के स्वास्थ्य आपातकाल कार्यक्रम का हिस्सा, ‘हाई थ्रेट पैथोजन्स टीम’ की एनाइस लेगैंड ने बताया कि जिन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, उनमें से मरने वालों की दर 30% से 50% के बीच है। लेगैंड ने कहा, “यह बहुत बड़ी संख्या है। इसका मतलब है कि हर 10 में से पांच लोगों की मौत होने की आशंका है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ये आंकड़े शुरुआती हैं और इनकी आगे और जांच किए जाने की आवश्यकता है। लेगैंड ने कहा कि शुरुआती देखभाल मिलने से मृत्यु दर को कम करने में मदद मिल सकती है।
जांच की क्षमता बढ़ाने पर जोर – लेगैंड ने बताया कि ठीक होने वाले पहले मरीज को DRC के एक स्वास्थ्य केंद्र से छुट्टी दे दी गई है, जिसके दो टेस्ट नेगेटिव आए थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि और भी कई लोग ठीक होंगे, और साथ ही शुरुआती देखभाल तक पहुंच के महत्व पर भी जोर दिया। WHO ने कहा कि जांच (टेस्टिंग) की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है, और उसे उम्मीद है कि संदिग्ध मामलों से लिए गए टेस्ट के नमूनों का जो बैकलॉग (बकाया) जमा हो गया है, उसे आने वाले कुछ दिनों में निपटा दिया जाएगा। लेगैंड ने कहा कि संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़ने की संभावना है, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह इस बात का संकेत है कि निगरानी व्यवस्था ठीक से काम कर रही है।