
कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच यूरोपीय यूनियन ने बायोएनटेक और फाइजर की ओर से संयुक्त रूप से विकसित कोविड-19 के वैक्सीन को 27 देशों के संगठन (यूरोपीय यूनियन) के बाजार में उतारने की सोमवार को औपचारिक रूप से अनुमति दे दी। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि वैक्सीन के बाजार में आने के बाद सभी सदस्य देश क्रिसमस के बाद अपने नागरिकों को महामारी से बचाव का पहला टीका लगाना शुरू करेंगे।
नियम तय करने में लगेगा दो-तीन दिन का समय : यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने कहा कि वैक्सीन सभी सुरक्षा और गुणवत्ता मानदंडों पर खरा उतरता है, इसके कुछ ही घंटे बाद यूरोपीय संघ के कार्यकारी आयोग ने टीके को बाजार में उतारने की अनुमति दे दी। उम्मीद है कि ब्रसेल्स को टीके को बाजार में उतारने के लिए नियम तय करने में दो-तीन दिन का समय लग सकता है।
‘मुश्किल साल का सुखद अंत’ : यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सला वोन डे लेयेन ने कहा, ‘जैसा कि हमने वादा किया था, यह टीका यूरोपीय संघ के सभी देशों में एक साथ, एक समान शर्त पर उपलब्ध होगा।’ उन्होंने कहा, ‘यह बेहद मुश्किल साल का सुखद अंत है, आखिरकार अब हम कोविड-19 के इस अध्याय का पन्ना पलटने के लिए तैयार हैं।’ लेयेन ने कहा कि टीके की आपूर्ति इस शनिवार से शुरू हो जाएगी और पूरे यूरोपीय संघ में 27 से 29 दिसंबर के बीच टीका लगना शुरू हो जाएगा।
ब्रिटेन में कोरोना का नया स्ट्रेन मिलने से हड़कंप : ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन (Coronavirus New Strain) पाया गया है जिसके बाद दुनिया में एक बार फिर से हड़कंप मच गया है। आनन फानन में कई देशों ने ब्रिटेन व यूरोप से आने वाले फ्लाइट्स पर पाबंदी लगा दी है। इस डर के पीछे की बड़ी वजह यह है कि कोरोना वायरस का यह नया स्ट्रेन पहले के मुकाबले ज्यादा संक्रामक बताया जा रहा है। भारत भी इसको लेकर अलर्ट है और यूके से आने वाली सभी उड़ानों को 31 दिसंबर तक के लिए रद्द कर दिया है।
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