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राष्ट्रपति चुनाव से पहले एक बार फिर रूस के हैकरों ने किया साइबर हमला, डेटा चोरी: अमेरिका


अमेरिका के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा है कि रूस के हैकरों ने देश में दर्जनों राज्यों और स्थानीय सरकारों को हाल के दिनों में निशाना बनाया है। अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि कम से कम दो सर्वर से डेटा भी चुराया गया है। देश में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से दो हफ्ते पहले दी गई इस चेतावनी से वोटिंग और उसके बाद आने वाले नतीजों को लेकर लोगों के मन में संदेह पैदा हो गया है।
कुछ जगह डेटा चोरी
अधिकारियों के अलर्ट में कहा गया है कि हाल में रूस की सरकार के समर्थित हैकिंग ग्रुप्स ने स्थानीय और राज्य नेटवर्क्स के खिलाफ गतिविधियां तेज की हैं। इनमे से कुछ में वह डेटा चोरी करने में सफल भी रहे हैं। FBI और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्यॉरिटी की साइबर सिक्यॉरिटी एजेंसी की अडवाइजरी ने एक बार फिर रूस की क्षमता की ओर ध्यान खींचा है। खासकर तब जब अमेरिका के अधिकारियों ने बुधवार को ईरान से होने वाले खतरे के बारे में जानकारी दी थी।
चुनावी जानकारी गई या नहीं, पता नहीं
अडवाइजरी में यह जानकारी नहीं दी गई है कि निशाना बनाया गया है लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें चुनाव या सरकारी ऑपरेशन से पर असर डालने वाले या चुनावी डेटा पर शक पैदा करने वाली किसी जानकारी के बारे में अभी पता नहीं चला है। अमेरिका ने इस ऐक्टिविटी के पीछे DragonFly और Energetic Bar का हाथ बताया है।
2016 में भी दिया था दखल
यह ग्रुप 2011 से काम कर रहा है और अमेरिका-यूरोप में एनर्जी कंपनियों और पावर ग्रिड जेनरेटर्स के अलावा डिफेंस ऐंड एविएशन कंपनियों की साइबर-जासूसी में शामिल रह चुका है। अमेरिका का कहना है कि रूस ने 2016 में डेमोक्रैटिक ईमेल अकाउंट हैक कर चुनावों में दखलअंदाजी की थी और अब एक बार फिर से डोनाल्ड ट्रंप को हराने के लिए कोशिशें कर रहा है।