
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को देश के स्वदेशी बेइदोऊ (BeiDou) नेवीगेशन सैटेलाइट सिस्टम की आधिकारिक शुरुआत की। यह सिस्टम अमेरिकी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) को टक्कर दे सकता है। माना जा रहा है कि चीन के स्वदेशी जीपीएस के लॉन्च होने से उसकी भू-राजनीतिक और सैन्य क्षमता तेजी से बढ़ेगी।
राष्ट्रपति जिनपिंग ने की शुरुआत
चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी एवं पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के नेता शी जिनपिंग ने बीजिंग में ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में एक समारोह में बेइदोऊ नेवीगेशन सैटेलाइट सिस्टम की आधिकारिक शुरुआत की। इससे पहले घोषणा की गई थी नेवीगेशन सैटेलाइट सिस्टम के लिए 23 जून को प्रक्षेपित 55वें एवं अंतिम उपग्रह ने सभी परीक्षणों के बाद काम करना शुरू कर दिया है।
बेल्ट एंड रोड परियोजना का हिस्सा है यह नेविगेशन सिस्टम
यह उपग्रह बेइदोऊ नेवीगेशन सैटेलाइट सिस्टम का हिस्सा है जिसे बीडीएस-3 के तौर पर जाना जाता है। इसके तहत 2018 में उन देशों को नेवीगेशन सेवाएं मुहैया कराये जाने की शुरूआत की गई थी जो चीन के महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड परियोजना में शामिल हैं। यह प्रणाली अत्यंत सटीकता के साथ नेविगेशन में सहायता प्रदान करती है।
चीनी नेविगेशन सिस्टम का इनसे मुकाबला
चीन का कहना है कि वह अन्य उपग्रह नेवीगेशन प्रणालियों के साथ सहयोग करना चाहता है लेकिन बेइदोऊ की अंतत: प्रतिस्पर्धा अमेरिकी जीपीएस, रूस के जीएलओएनएएसएस और यूरोपीय संघ के गैलीलियो नेटवर्क से हो सकती है। इससे चीन को मुख्य लाभ यह होगा कि वह अपनी मिसाइलों को निर्देशित करने के लिए जीपीएस के बदले अपने नेवीगेशन प्रणाली का इस्तेमाल कर सकता है, यह विशेष तौर अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनजर महत्वपूर्ण है।
साल 2000 में लॉन्च हुआ था पहला सैटेलाइट
चीन ने BeiDou को साल 2000 में लॉन्च किया था। तब यह प्रणाली केवल चीन में ही सैटेलाइट नेविगेशन की सुविधा प्रदान करती थी। लेकिन, 2012 में चीन ने इसका विस्तार एशिया प्रशांत क्षेत्र में जीपीएस सर्विस देने के लिए कर लिया। अब जब इस प्रणाली का आखिरी सैटेलाइट लॉन्च होने वाला है तब चीन को पूरे विश्व में जीपीएस की वैश्विक कवरेज मिल सकेगी।
चीन के कई महत्कांक्षी प्रोजक्ट को मिलेगी गति
विशेषज्ञों ने बताया कि BeiDou के एक्टिव होने से चीन को अमेरिकी जीपीएस के उपयोग की जरुरत नहीं होगी। यह चीनी जीपीएस स्मार्टफोन, ड्राइवरलेस कारों, विमानों और जहाजों को भी सहायता प्रदान करेगा। इतना ही नहीं, यह चीन के महत्वकांक्षी ड्राइवरलेस हाई-स्पीड ट्रेनों का भी मार्गदर्शन करेगा।
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