
हमारे हिंदू धर्म में पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में भगवान को मानता और पूजता है। लेकिन ये ज़रूरी नहीं कि भगवान हर किसी की पूजा को स्वीकार करें। कुछ लोग पूजा-पाठ तो बहुत करते हैं लेकिन उनके मन में जीवों के प्रति प्यार कम ही देखने को मिलता है। ऐसे लोग हमेशा दिखावे में ही अपना जीवन व्यतीत करते हैं। ऐसे व्यक्तित्व वाले लोग किसी की खुशी नहीं देख सकते और न वे किसी के साथ अच्छा करते हैं। तो ऐसे में भगवान भी इन लोगों की पुकार कभी स्वीकार नहीं करते और कभी न कभी उनके कर्मों का फल जरूर देते हैं। तो चलिए आज हम आपको गरूड़ पुराण के अनुसार कुछ लोगों के बारे में बात करेंगे, जिनकी प्रार्थना भगवान स्वीकार नहीं करते।
जो व्यक्ति हमेशा पराई स्त्री के बारे में सोचता रहता हो या उसे बुरी नजर से देखता हो, भगवान उसकी किसी भी इच्छा को स्वीकार नहीं करते और साथ ही उसका जीवन असफलताओं से घिर जाता है। ऐसे व्यक्ति अपना सारा जीवन बेकार की बातों में ही गंवा है।
ऐसे व्यक्ति जो हमेशा दूसरों को नीचा दिखाने या उनकी तरक्की में अड़चने पैदा करते रहते हैं। उनकी विनती भगवान कभी स्वीकार नहीं करते। ऐसे लोग हर किसी के साथ घृणा की भावना अपने मन में रखते हैं। वे न तो खुद खुश रहते हैं और न कभी किसी को खुश देख सकते हैं।
जो लोग एक से ज्यादा स्त्रियों के साथ शारीरिक संबंध बनाते हैं, वो लोग कभी भी भगवान की कृपा को प्राप्त नहीं कर सकते हैं। ऐसे लोगों का जीवन भगवान जीते जी नरक बना देते हैं। उनको कभी भी सुख-शांति नहीं मिलती और एक न एक दिन भगवान उनको उनके किए का फल जरूर देते हैं।
जो लोग हर किसी का दिल दुखाते हैं या अपने मां-बाप की आज्ञा का पालन नहीं करते, वे जीवन में कभी तरक्की नहीं कर पाते और भगवान भी ऐसे लोगों की पुकार नहीं सुनते। शास्त्रों में मां-बाप को देवी-देवताओं के समान माना गया है। तो जो लोग अपने मां-बाप को दुख देते हैं वो कभी खुद भी खुश नहीं रह सकते हैं।
जो व्यक्ति जीव हत्या करके उन्हें अपने भोजन में शामिल करता हो, ऐसे लोगों की पुकार कभी भी भगवान स्वीकार नहीं करते। गरूड़ पूराण के अनुसार ऐसे लोगों की भगवान कभी नहीं सुनते।
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