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राहुल गांधी के प्रदर्शन के बाद ही शशि थरूर ने जमकर की केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की तारीफ, कहा-दिखाई समझदारी


कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सोमवार को INDIA ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के कुछ देर बाद ही केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की जमकर तारीफ की है। इन प्रदर्शनों की अगुवाई थरूर की पार्टी के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने की थी। एक मीडिया चैनल से बातचीत में शशि थरूर ने इन प्रदर्शनों के दौरान संयम बरतने के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ऐसा करके सरकार ने ‘समझदारी’ दिखाई है। शशि थरूर ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा असल में इस प्रदर्शन की स्टार थीं।
शशि थरूर ने कहा-सरकार ने सख्ती वाला रवैया नहीं अपनाया – एनडीटीवी से बातचीत में शशि थरूर ने कहा, ‘सरकार और पुलिस की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने सख्ती वाला रवैया नहीं अपनाया। ज्यादातर समय बैरिकेड्स और पुलिसकर्मियों की जरूरत से ज्यादा मौजूदगी के बावजूद पूरे विरोध प्रदर्शन को पुलिस की बिना किसी दखल के होने दिया गया। उनका काम बस नजर रखना था। और मेरे हिसाब से, सरकार का यह रवैया काफी समझदारी भरा और परिपक्व था।’
सरकार और पुलिस की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने सख्ती वाला रवैया नहीं अपनाया। ज्यादातर समय बैरिकेड्स और पुलिसकर्मियों की जरूरत से ज्यादा मौजूदगी के बावजूद पूरे विरोध प्रदर्शन को पुलिस की बिना किसी दखल के होने दिया गया। मेरे हिसाब से सरकार का यह रवैया काफी समझदारी भरा और परिपक्व था।
शशि थरूर, कांग्रेस – कांग्रेस का मूल प्लान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक ज्ञापन सौंपना था। हालांकि, जज ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया और पार्टी व उसके सहयोगियों से अपनी मांगों के साथ याचिका दायर करने को कहा। मार्च के बाद राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के 10 अन्य नेताओं ने अपनी याचिका सौंपी।
थरूर बोले-पुलिस के बर्ताव का डर था – शशि थरूर ने कहा-कांग्रेस के नजरिए से देखें तो हमारा स्वागत उत्साही समर्थकों की जबरदस्त भीड़ ने किया…लेकिन उतनी ही हैरान करने वाली बात थी उनका उत्साह और प्रतिबद्धता, जबकि आम लोगों के मन में यह डर होने की पूरी वजह थी कि पुलिस वैसा ही बर्ताव कर सकती है जैसा उसने शनिवार और रविवार को किया था।’
थरूर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई का जिक्र कर रहे थे। थरूर के मुताबिक, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक INDIA ब्लॉक के विरोध मार्च के दौरान ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
थरूर बोले-हम ही बीजेपी के इकलौते विपक्षी दल- थरूर से जब CJP के विरोध प्रदर्शन और कांग्रेस के आंदोलन की तुलना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया। थरूर ने कहा, ‘देखिए, मैं आपको साफ-साफ कहूं तो यह बात बिल्कुल बेतुकी है। जहां तक हमारी बात है, हम ही BJP के एकमात्र राष्ट्रीय विपक्षी दल हैं। दूसरी बात, अगर सरकार ने आज वैसा व्यवहार किया जैसा किया, तो मुझे यकीन है कि रविवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का भी इसमें कुछ न कुछ योगदान रहा होगा। आप उन्हें उतना श्रेय नहीं दे रहे हैं जितना उन्हें मिलना चाहिए।’
थरूर बोले-पुलिस की तैनाती भी समझदारी भरा कदम – थरूर ने आगे कहा, ‘और मुझे लगता है कि शायद इसीलिए उन्होंने यह तय किया कि कानून-व्यवस्था के बुरी तरह बिगड़ने (जिस एकमात्र वजह पर कोर्ट विचार करने को तैयार था) को छोड़कर वे कोर्ट की बात मानेंगे…मैं बस इतना कह सकता हूं कि कानून-व्यवस्था न बिगड़े, यह पक्का करने के लिए एहतियाती तौर पर पुलिस की तैनाती करना समझदारी भरा कदम था, लेकिन साथ ही पहले जैसा व्यवहार न करना भी सही था।’
थरूर ने नेहा बोरा को बताया प्रदर्शनों की स्टार – केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने आगे कहा कि कांग्रेस और CJP राजनीतिक जगह पाने के लिए आपस में होड़ नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि AISA की प्रेसिडेंट नेहा बोरा असल में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा थीं और उन्होंने भी INDIA गठबंधन के आंदोलन में हिस्सा लिया।
थरूर ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से, मैं इसे कोई मुकाबला नहीं मानता। असल में, नेहा बोरा, जो CJP विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा थीं, आज हमारे साथ थीं। वह उसी बस में थीं जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी सवार थे। मैं उनसे मिला। उन्होंने बहुत अच्छे से मेरे साथ सेल्फी ली। वह वाकई बहुत बढ़िया लड़की हैं। और मुझे बहुत खुशी है कि वह हमारे साथ थीं। इसलिए, मैं इसे कोई मुकाबला नहीं मानता। मुझे लगता है कि हम सब उन्हीं सिद्धांतों के लिए लड़ रहे हैं जिन्हें भारत में लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोग चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों अपनाना चाहेंगे।