
भारतीय सिनेमा की लेजेंड्री सिंगर आशा भोसले का 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में निधन हो गया था। उनके जाने से जो भारी क्षति हुई है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी। आशा भोसले का परिवार और करीबी दोस्त अभी भी सदमे में हैं, और उनकी यादों में खोए हुए हैं। यही हाल बीते जमाने की मशहूर एक्ट्रेस और आशा भोसले की दोस्त मुमताज का भी है। मुमताज ने एक इंटरव्यू में आशा भोसले के साथ अपनी आखिरी मुलाकात को याद किया। बताया उनकी क्या बात हुई थी, सिंगर उनसे क्या बोली थीं। साथ ही मुमताज ने यह भी बताया कि जब आशा भोसले अस्पताल में भर्ती थीं, तो वह उनसे मिलने गई थीं, पर 10 मिनट बाद ही उनका देहांत हो गया।
विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में मुमताज ने अपने दिल की टीस साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे अस्पताल जाने पर भी वह प्यारी दोस्त और सिंगर आशा भोसले से मिल नहीं पाईं। बस उन्हें दूर से ही देखा। आशा भोसले को 11 अप्रैल की रात सांस लेने में तकलीफ के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। और अगले ही दिन सुबह उनका मल्टिपल ऑर्गन फेलियर से निधन हो गया।
आशा भोसले से मिलने गई थीं मुमताज, पर…. – मुमताज ने बताया, ‘जब मुझे पता चला कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, तो मैं वहां गई। मैंने उन्हें बाहर से देखा, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि आशा जी की हालत गंभीर है और मुझे अगले दिन आने को कहा। जैसे ही मैं वहां से निकली और कार में बैठी, 5-10 मिनट के भीतर ही मुझे फोन आया कि उनका निधन हो गया है।’
जब मुझे पता चला कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, तो मैं वहां गई। मैंने उन्हें बाहर से देखा, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि आशा जी की हालत गंभीर है और मुझे अगले दिन आने को कहा। जैसे ही मैं वहां से निकली 5-10 मिनट के भीतर ही मुझे फोन आया कि उनका निधन हो गया है।
आशा भोसले संग आखिरी मुलाकात का किस्सा, क्या हुई थी बात? – आशा भोसले के साथ अपने रिश्ते के बारे में बात करते हुए मुमताज ने कहा, ‘वह कई बार मेरे घर आई थीं। वह मेरी बहुत अच्छी दोस्त थीं। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती।’ मुमताज ने यह भी बताया कि मौत से कुछ दिन पहले आशा भोसले ने उनसे कहा था कि उनका गाया हुआ एक गाना उनके द्वारा गाए गए गानों में सबसे मुश्किल था। मुमताज बोलीं, ‘आशा जी ने मुझे अपनी मौत से पहले बताया था कि मेरा गाना ‘आजा ओ मेरे राजा, जन्नत की सैर’ उनके द्वारा गाए गए गानों में सबसे मुश्किल था।’
आशा जी ने मुझे अपनी मौत से पहले बताया था कि मेरा गाना आजा ओ मेरे राजा जन्नत की सैर उनके द्वारा गाए गए गानों में सबसे मुश्किल था।
आशा भोसले ने मुमताज के लिए ये गाने गाए थे:
मोतियों की लड़ी हूं मैं
कोई शहरी बाबू
आजा ओ मेरे राजा
दुनिया में लोगों को
आज कोई प्यार से
आशा भोसले का करियर – मुमताज बाद में आशा भोसले के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुई थीं और उनके आखिरी दर्शन का वीडियो भी शेयर किया था। आशा भोसले करीब सात दशकों से फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री का हिस्सा थीं। उन्होंने 9 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था। उन्होंने कई भाषाओं में करीब 12 हजार गाने गाए और कई सम्मान भी पाए थे। दुनियाभर में आशा भोसले के कई होटल भी हैं। भले ही सिंगर बाद में अच्छी जिंदगी जीने लगी थीं, पर उनका बचपन और शुरुआती दिन बहुत ही तंगहाली और कष्ट में बीते थे। उन्होंने जिस शख्स से शादी की थी, उसने और ससुरालवालों ने उन्हें बहुत टॉर्चर किया और घरेलू हिंसा सही। फिर वह अलग हो गई थीं। बाद में आशा भोसले ने आरडी बर्मन से शादी की थी।
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