
यमन के हूती विद्रोही और सऊदी अरब के बीच संघर्ष खत्म करने के लिए बातचीत हो सकती है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री और डिप्टी पीएम इशाक डार ने शुक्रवार को इसका संकेत दिया है। डार ने कहा है कि ईरान ने यमन के हूती गुट के हमलों के बाद उन्हें राजनीतिक रूप से बातचीत में शामिल करने का सुझाव दिया है। मक्का रक्षा समझौते की एक समिति अगले हफ्ते रियाद में होने वाली आपातकालीन बैठक में इस विचार पर चर्चा करेगी।
ईरान का प्रस्ताव और पाकिस्तान का इस पर विचार करने की बात कहने का यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है, जब सऊदी अरब ने हूतियों के बढ़ते हमलों का सामना किया है। सऊदी अरब ने हालिया हफ्तों में हूतियों पर मक्का और मदीना में हमले का आरोप लगाया है। ऐसे में मक्का समझौते का सदस्य होने के नाते पाकिस्तान और तुर्की पर सऊदी के बचाव में आने का दवाब है।
अब्बास अराघची ने मुझे सुझाव दिया कि हूती विद्रोहियों और इराकी समूहों पर हमला करने के बजाय उनसे राजनीतिक संपर्क स्थापित किए जाने चाहिए। हम इस पर विचार करेंगे। पाकिस्तानी उप प्रधानमंत्री डार
तुर्की, सऊदी, पाक की बैठक – इशाक डार ने इस्लामाबाद में एक प्रेस वार्ता में कहा कि मक्का पैक्ट के तीनों सदस्य- सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान आगामी बैठक में भविष्य के कदमों पर फ़ैसला करेंगे। इसमें हूतियों के साथ बातचीत के जरिए तनाव करने पर चर्चा भी शामिल है। रियाद में होने वाली बैठक में तीनों देश मिलकर इस पर फैसला लेंगे।
डार ने कहा कि ईरान ने हूतियों और इराकी मिलिशिया से दूरी बना ली है। उन्होंने कहा, ‘ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस मामले को खत्म करना चाहते हैं। कोई लिखित या पक्का प्रस्ताव नहीं है। यह ईरानी विदेश मंत्री की मुझे राजनीतिक दृष्टिकोण के लिहाज से नेक नीयत से दिया गया सुझाव है।’
Home / Uncategorized / हूतियों से बात करेगा सऊदी! ईरान की सलाह के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री का बयान, मक्का पैक्ट में आएंगे 6 और देश
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