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घर बैठें क्रिस्टल बॉल से देखें अपना भविष्य, सूर्य देवता की पवित्र आंख से मिली है ये शक्ति


क्या आप जानते हैं, क्रिस्टल बॉल के जरिए भविष्यवाणी कैसे की जाती है? इस पद्धति में परावर्तक सतह पर जादुई प्रतिबिंबों को देखा जाता है। क्रिस्टल बॉल की भविष्यवाणी पंद्रहवीं शताब्दी में यूरोप में प्रसिद्ध हुई। उस जमाने के सुप्रसिद्ध स्क्रायर थे सर जॉन दी (1527-1608)। वह महारानी एलिजाबेथ-ए.के. ज्योतिषी थे। उनके पास अद्र्ध पारदर्शी लावा के रस का बना कांच का गोला था जिससे वह देवदूतों से संपर्क करते थे। ये देवदूत उन्हें महत्वपूर्ण सूचनाएं देते थे। उनका मानना था कि ये देवदूत इंगलैंड और महारानी की रक्षा भी करते थे। उन्होंने इस गोले की सहायता से अपने समय में कई महत्वपूर्ण भविष्यवाणियां कीं। उनमें से एक महत्वपूर्ण संकेत स्पेनिश हमले के बारे में भी था। अब इस पद्धति को विधिवत समझें। इसके लिए हम बेटील (एक खनिज) का बना गहरा नीला या पीला गोला इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर एक छोटे नारंगी रंग का साफ क्रिस्टल का गोला भी ले सकते हैं। आजकल ऐसे गोले स्टैंड के साथ कई जगह उपलब्ध हैं। इस प्रक्रिया के लिए सुबह या शाम का समय ज्यादा उपयुक्त है।

इसके लिए एक शांत और एकांत जगह पसंद कीजिए। इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले गोले के दोनों ओर एक-एक सुगंधित धूप बत्तियां जलाएं। एक जामुनी रंग की मोमबत्ती भी जला लीजिए। मोमबत्ती को अपने पीछे की ओर इस तरह रखें कि उसका प्रतिबिंब गोले में न पड़े। थोड़ी देर के लिए आंखें बंद करके दिमाग को शांत कीजिए। दैवीशक्ति का आह्वान करें और उससे विनती करें कि वह आपके प्रश्र का सही उत्तर प्रदान करे। आह्वान करते समय अपने दोनों हाथों से गोले को अपने हाथ में पकड़े रहिए। अब गोले को उसके स्टैंड पर रख कर अपना पूरा ध्यान प्रश्र पर केंद्रित करें और गोले में एकटक नजर से कुछ मिनट तक देखते रहें, हो सके तो पलकें नहीं झपकाएं।

शुरू में आप पांच मिनट तक गोले में झांक सकते हैं। बाद में इस अवधि को 15-20 मिनट तक बढ़ा सकते हैं। इस दौरान बिल्कुल तनावरहित रहने की कोशिश करें। सम्पूर्ण रूप से दैवी शक्ति को समर्पित हो जाएं और कोई भी संकेत चिन्ह, प्रतीक या घटनाक्रम यदि गोले में उभर रहे हैं तो उन्हें देखते रहें, मगर उनका विश्लेषण करने की कोशिश न करें, मात्र साक्षी बने रहें। जब प्रतिबिंब उभरने समाप्त हो जाएं तब पूरे सम्मान से गोले को एक स्वच्छ कपड़े में लपेट कर अपनी जगह पर रख दीजिए।

गोले पर ध्यान केंद्रित करने के कई तरीके हैं। शुरू में आप ध्यान केंद्रित करने की अलग-अलग पद्धतियां इस्तेमाल कर सकते हैं। बाद में जो पद्धति आपको आसान और सुविधाजनक लगे उसे प्रयोग में लाएं। कुछ स्क्रायर गोले पर आवेग से अपनी सांस फैंकते हैं, जिससे गोले पर एक धुंधलापन छा जाता है। यह धुंधलापन साफ होने पर गोले में प्रतिबिंब उभरने शुरू होते हैं। कुछ लोग अधखुली आंखों से गोले पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं जिससे थोड़ी देर में गोले की सतह पर गोले के मध्य में प्रतिबिंब उभरने शुरू होते हैं कुछ भविष्यवेत्ता अपनी कल्पना से गोले को उभरता हुआ महसूस करते हैं। गोला उभरते-उभरते इतना बड़ा हो जाता है कि भविष्यवेत्ता अपने आपको गोले के अंदर पाता है और अंदर जो भी घटनाएं घट रही हैं वह उसका साक्षी बन जाता है।

गोले पर ध्यान केंद्रित करते समय शुरू में आपको लगता है कि गोला एकदम तेजहीन हो गया है फिर अचानक गोला प्रकाशित और तेजस्वी हो जाता है। कभी-कभी गोला सफेद धुंध से आच्छादित लगता है तो कभी यह धुंध लाल या हरे रंग में बदलती है और बाद में पूरे काले रंग में बदल जाती है जिसमें छोटे-छोटे प्रकाश बिंदु तैर रहे होते हैं। अंतत: यह धुंध तेजस्वी नीले रंग में बदल जाती है। इसके अंदर छाया, प्रतिमाएं, प्रतीक चिन्ह उभरते हैं। कभी-कभी बहुत ही साफ प्रतिबिंब या घटनाक्रम नजर आता है। कभी-कभी सिर्फ कुछ रंग या हल्का-सा आभास, कुछ संकेत चिन्ह ही नजर आते हैं। कभी-कभी ऐसा लगता है कि ये छायाएं आपको कुछ कह रही हैं।

इन दृश्यों को प्रश्र के अनुरूप रूपांतरित करने के कुछ नियम हैं जो नीचे दर्ज हैं :
एक प्रतिबिंब जोकि आपकी ओर आ रहा है, सूचित करता है कि यह घटना बहुत ही जल्द आपके जीवन में घटित होगी।

प्रतिबिंब या छाया अगर आपसे दूर जा रही हो तो प्रश्रकर्ता के जीवन से कोई दूर जा रहा है या कोई घटना समाप्त हो रही है तथा प्रश्रकर्ता को भूतकाल की कोई घटना या प्रसंग आज भी परेशान कर रहा है।

अगर कोई छाया या प्रतिबिंब प्रश्रकर्ता के बाईं ओर उभरता है तो इसका मतलब है कि यह घटना वास्तविक जीवन में घटेगी।

अगर छाया या प्रतिबिंब, प्रश्नकर्ता की दाईं ओर उभरता है तो उसे सिर्फ एक प्रतीकात्मक संदेश की तरह लेना चाहिए।

कुछ लोग गोले में झांकते समय अलग-अलग रंगों के बादल मात्र देखते हैं। उन्हें निश्चित कद या आकार की छाया या प्रतिबिंब नजर नहीं आते। उनके लिए निम्र अर्थघटन किया जाता है :

सफेद बादल : सकारात्मक व अनुकूल निर्णय, किसी भी प्रश्र का उत्तर आपके पक्ष में और आपकी इच्छानुसार।

काले बादल : नकारात्मक संकेत, नया काम शुरू करते वक्त सचेत रहिए। अगर काले बादल धीरे-धीरे हल्के रंग में बदल रहे हों तो थोड़े समय के लिए इंतजार कीजिए। सब मुश्किलें अपने आप छंट जाएंगी और आपको सफलता मिलेगी। किसी भी रंग के हल्के रंग के बाद अच्छा शगुन है और गहरे रंग के बादल कुछ कम मात्रा में शुभ हैं।

हरे बादल : प्रेम में सफलता।

नीले बादल : पैसे या कारोबार संबंधी साहस में सफलता।

बैंगनी बादल : सहायक और लाभदायी मित्र और सही और सच्ची सलाह।

गुलाबी बादल : किसी नए व्यक्ति का जीवन में प्रवेश या नई शुरूआत।

भूरे बादल : घर या नौकरी में बदलाव। नए घर में ज्यादातर खुद के मकान में स्थानांतरण।

चांदी जैसे रंग के बादल : जीवन में बदलाव, यह बदलाव शुभ होगा, एक नई उम्मीद, सुयोग्य अवसर।

सुनहरे बादल : सपनों का सच होना, महत्वाकांक्षाओं का सफल होना।

लाल बादल : गुस्सा, हिंसक प्रतिभाव या झगड़े की चेतावनी।

नारंगी बादल : कोई नजदीकी, निकटतम व्यक्ति से जुदाई, कुछ देर के लिए अकेलापन।

पीले बादल : ईर्ष्या, द्वेष, वैमनस्य।

ऊपर उठते हुए बादल सकारात्मक परिणाम सूचित करते हैं और नीचे की ओर आते हुए बादल नकारात्मक परिणाम सूचित करते हैं।

दाईं ओर जाते हुए बादल सहायक प्रभाव सूचित करते हैं और बाई ओर जाने वाले बादल विरोध, खासकर मित्रों से, सूचित करते हैं।

आपके पास अगर क्रिस्टल बाल नहीं हैं तो आप एक वृत्ताकार आईना भी प्रयोग में ला सकते हैं। वृत्त और गोलक पूर्णत के प्रतीक हैं। माना जाता है कि ये पूर्ण विश्व का प्रतकि हैं इसलिए इनसे कोई भी जानकारी उपलब्ध होती है। आईने की देवी इथर एक नृत्य, संगीत और प्रेम की देवी है। इन्हें भविष्य देखने की शक्ति सूर्य देवता की पवित्र आंख से मिली है।

आईने को हम क्रिस्टल बाल की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं। दोनों के लिए भविष्यवाणी की विधि समान हैं। आईना इस्तेमाल करते वक्त हमें ख्याल रखना है कि हम आईने के एक ओर बैठें, ताकि आईने में हमें हमारा प्रतिबिंब न दिखे। आईने को इस तरह रखें जिससे उसमें पीछे की खाली दीवार प्रतिबिंबित हो। भविष्यवाणी के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला आईना, दूसरे किसी कार्य हेतु प्रयोग न करें। उसे एक साफ कपड़े में लपेटकर पूजा स्थान में रखें।