
ज्योतिष के अनुसार बार-बार जूते-चप्पल चोरी होना या खो जाना भी कुछ इशारा करता है। इनके खोने पर आर्थिक हानि तो होती है साथ ही यह शनि दोष की संभावना को भी व्यक्त करता है। क्या आप जानते हैं कि हमारे शरीर में शनि का वास पैरों में होता है? कुंडली में जब शनि अशुभ स्थिति में होता है तो इस प्रकार जूते-चप्पल टूट जाते हैं। पैरों का प्रतिनिधित्व करने वाला शनि अपना अशुभ प्रभाव दिखाने के लिए ऐसा करवाता है। जब ज्यादातर ऐसा होने लगे तो समझ जाना चाहिए कि शनि देव आपकी बदकिस्मती की ओर इशारा कर रहे हैं।
यानी समझें आपके परेशानी भरे दिन आने वाले हैं। शनि संबंधी दोषों को दूर करने के लिए विशेष उपाय करें। ज्योतिष विशेषज्ञ को कुंडली दिखाकर आवश्यक पूजन आदि करने चाहिए। शनि से बचने के लिए सबसे सरल उपाय है, प्रति शनिवार शनिदेव को तेल चढ़ाएं। एक कटोरी में तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखें और इस तेल को किसी गरीब व्यक्ति को दान करें।
शनि ग्रह के शमन के लिए कच्ची घानी के सरसों के तेल में अपना प्रतिबिम्ब देखें और उसे दान कर दें। बदन पर सरसों के तेल की मालिश करें।
शनि राहू-केतु मुख्यत: जप-तप की बजाय दान-दक्षिणा से अधिक प्रसन्न होते हैं। इनके द्वारा प्रदत्त दोष निवारण के लिए शनिवार का उपवास रखें। सुबह पीपल को जल से सींचें व सायंकाल शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं। काले वस्त्र और काली उड़द, लौह, तिल, सरसों का तेल, गाय आदि का दान करें।
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