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Periods में इस्तेमाल होने वाली ये चीज बनी जानलेवा, मौत के एकदम पास पहुंची 2 सगी बहनें, बाल-बाल बची जान


पीरियड्स के दौरान टैम्पोन का उपयोग करने से जोखिम हो सकता है, जिससे सेप्सिस हो सकती है। यह एक जानलेवा स्थिति है जो महिलाओं को ज्यादा खतरा पहुंचा सकती है। टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम के लक्षण में बुखार, उल्टी, डायरिया, सिरदर्द, और पीरियड्स में ज्यादा खतरा शामिल है। महिलाओं को टैम्पोन का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
हर महिला पीरियड्स का सामना करती है, इस दौरान शरीर से ब्लीडिंग होती है। इस दौरान इंफेक्शन का खतरा हो सकता है, जिससे बचने के लिए पैड्स, टैम्पोन और मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल किया जाता है। मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि कई बीमारियों से बचाने वाला ये टैम्पोन दो सगी बहनों के लिए जान का जोखिम बन गया।
द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मई में 21 साल की Devine Johnson को टैम्पोन से टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम झेलना पड़ा, जो कि सेप्सिस में बदल गया। 30 दिन बाद उसकी छोटी बहन भी जया भी इसी इंफेक्शन के कारण अस्पताल पहुंच गई। दोनों मौत के एकदम पास पहुंच गई थी और कई दिनों तक आईसीयू में एडमिट रहीं।
जानलेवा है सेप्सिस – विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक (ref.), सेप्सिस एक जानलेवा स्थिति है, जिसमें इम्यून सिस्टम किसी इंफेक्शन के खिलाफ ओवर रिएक्ट कर देता है। यह अपने ही शरीर के टिश्यू और ऑर्गन को डैमेज करने लगता है। यह टॉक्सिक शॉक के कारण हो सकता है।
सेप्सिस के लक्षण – सेप्सिस के लक्षण
बुखार या लो टेंप्रेचर और कंपन
कंफ्यूजन
सांस लेने में तकलीफ
चिपचिपी स्किन
शरीर में भयानक दर्द
तेज धड़कन, कमजोर नब्ज
लो ब्लड प्रेशर
कम पेशाब आना
पीली त्वचा
थकान
उठने में दिक्कत
टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम कम नहीं – टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम एक दुर्लभ, जानलेवा बैक्टीरियल इंफेक्शन है। अक्सर यह Staphylococcus aureus बैक्टीरिया से बनने वाले टॉक्सिन से होता है। यह बहुत ही खतरनाक कंडीशन है, जो महिलाओं को ज्यादा परेशान कर सकती है।
टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम के लक्षण – अचानक तेज बुखार
लो ब्लड प्रेशर
उल्टी और डायरिया
कंफ्यूजन
मसल्स दर्द
आंख, मुंह और गला लाल होना
दौरे पड़ना
सिरदर्द
पीरियड्स में ज्यादा खतरा – इस बैक्टीरियल इंफेक्शन का जोखिम महिलाओं को पीरियड्स के दौरान ज्यादा होता है। ऐसा माना जाता है कि टैम्पोन यूज से इंफेक्शन का खतरा होता है, जो कि टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम में बदल सकता है। इसलिए इन्हें इस्तेमाल करने से पहले महिलाओं को डॉक्टरी सलाह जरूर लेनी चाहिए।