
फ्रांस ने राफेल फाइटर जेट की डिलीवरी से पहले यूक्रेनी पायलटों को उड़ान की ट्रेनिंग देने की तैयारी शुरू की है। फ्रांस के यूरोप मामलों के मंत्री बेंजामिन हदाद ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि हम यूक्रेन के साथ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि यूक्रेनी हवाई क्षेत्र में राफेल जेट तैनात किए जाएं, जिन्हें फ्रांसीसी नहीं बल्कि यूक्रेनी पायलट उड़ाएं। इससे जुलाई में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बताया था कि उनके देश ने यूक्रेन के साथ रोडमैप बनाया है, जिससे यूक्रेन को 16 राफेल विमान मिल सकेंगे। हालांकि एक्सपर्ट इन पर सवाल उठा रहे हैं और यूक्रेन में राफेल जेट का हश्र रूसी Su-57 जेट जैसा होने की चेतावनी दे रहे हैं। इसकी वजह ये है कि यूक्रेन को यह बहुत सीमित संख्या में मिलेंगे और ये इतने महंगे हैं कि इनका खुलकर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
यूरेशियन टाइम्स के मुताबिक, यूक्रेनी पायलट सोवियत-युग के लड़ाकू विमानों को उड़ाने में अनुभवी हैं। वह F-16 और मिराज-2000 जेट उड़ा चुके है लेकिन राफेल पर स्विच करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है। अनुभवी पायलटों को भी कॉम्बैट-रेडी (लड़ाई के लिए तैयार) होने में 12-18 महीने लग सकते हैं।
Home / News / रूस जैसी मुश्किल में फंसा यूक्रेन! क्यों राफेल को युद्ध में उतारने का रिस्क नहीं लेंगे जेलेंस्की, जानें
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