
अमेरिका और चीन के बीच में तनाव इतना बढ़ चुका है कि इसका असर अब दुनिया को नजर आने लगा है। चीन के खिलाफ ट्रंप सरकार ने एक कड़ा कदम उठाते हुए अपने ह्यूस्टन स्थित महावाणिज्य दूतावास को 72 घंटे के अंदर बंद करने का आदेश दे दिया है। इतने कम समय में महावाणिज्य दूतावास को खाली करने के आदेश से चीन के विदेश मंत्रालय में हड़कंप मच गया है। अमेरिका के आदेश के बाद चीनी दूतावास के अंदर अफरातफरी का माहौल देखा गया।
यही नहीं चीनी कर्मी बड़ी संख्या में गोपनीय दस्तावेजों को जलाते देखे गए हैं। कर्मचारियों के दस्तावेज जलाने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। माना जा रहा है कि चीनी कर्मचारी गोपनीय दस्तावेजों को जला रहे हैं। उधर, अमेरिका के इस कदम के बाद चीन भी भड़क गया है और उसने भी आवश्यक जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ह्यूस्टन पुलिस भी वाणिज्य दूतावास के बाहर मौजूद है लेकिन डिप्लोमेटिक अधिकारों के चलते अन्दर प्रवेश नहीं कर सकती।
पुलिस ने बताया कि लोगों ने दूतवास से धुंआ उठता देखकर उन्हें सूचना दी थी जिसके बाद वे यहां आए थे लेकिन चीनी अधिकारियों ने उन्हें अन्दर घुसने की अनुमति नहीं दी है। कोल्ड वार के बाद ऐसा पहली बार है कि अमेरिका ने इस तरह किसी भी देश के दूतावास को बंद करने का आदेश जारी किया हो। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने चीन के साथ जारी गंभीर तनाव को देखते हुए ह्यूस्टन के महावाणिज्य दूतावास को बंद करने का आदेश दिया गया है।
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