
ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने केवल उच्च-तकनीक के फिल्टर और सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा के इस्तेमाल से 30 मिनट से भी कम समय में बड़े स्तर पर समुद्र के खारे पानी को पीने लायक बनाने वाली विश्व की ऐसी पहली तकनीक विकसित की है। मेलबर्न स्थित मोनाश विश्वविद्यालय के अनुसार विशेष रूप से डिजाइन यह तकनीक प्रतिदिन सैकड़ों लीटर समुद्र जल को पीने योग्य बदलने की क्षमता रखता है।
इस प्रक्रिया के लिए केवल प्रत्यक्ष रूप से सूरज की रोशनी की आवश्यकता होती है जो इस तकनीक को कम लागत वाला और टिकाऊ भी बनाता है। मोनाश यूनिवर्सिटी के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर हुआंटिंग वांग ने कहा कि विश्व में जल संकट को दूर करने के लिए समुद्र जल को इस्तेमाल योग्य बनाने का विकल्प बेहतर है।
उन्होंने कहा, ‘‘विश्व में पानी की कमी के बढ़ते संकट को दूर करने के लिए इस प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया है। विश्व में बड़े पैमाने पर समुद्र जल और खारे पानी की उपलब्धता के कारण इस तरह की प्रक्रियाएं बेहतर और विश्वसनीय हैं।
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