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आखिर Coronavirus से सीखा Wuhan, लगा जंगली जानवर खाने पर बैन


दुनियाभर में कोरोना का सबसे पहले शिकार बने चीन के वुहान शहर ने आखिरकार इस त्रासदी से सीख ले ली है। एक बड़ा फैसला लेते हुए यहां जंगली जानवरों को खाने पर बैन लगा दिया गया है। दरअसल, एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोरोना वायरस इंसानों में किसी जंगली जानवर के जरिए ही पहुंचा जो यहां के वेट मार्केट में बेचे जा रहे थे। चीन के खान-पान में जानवर बड़ा हिस्सा रहे हैं और ऐसे में 1.1 करोड़ की आबादी वाले वुहान पर बैन लगाया जाना एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इन सब पर होगा प्रतिबंध
वुहान सरकार ने एक नोटिस जारी करते हुए ऐलान किया है कि 13 मई से लेकर अगले 5 साल तक यहां जंगली जानवरों को खाए जाने पर बैन रहेगा। हुआनान सीफूड होलसेल मार्केट 1 जनवरी से बंद है। ऐसा अंदाजा लगाया गया था कि यहीं से कोरोना वायरस निकला और फिर दुनिया में फैल गया। सीफूड के अलावा यहां लोमड़ियों, घड़ियालों, भेड़ियों के बच्चों, सलामांडर, सांप, चूहों, मोर, स्याही, कोआला जैसे जंगली जानवर भी मिलते थे।
WHO ने माना Coronavirus फैलने में Wuhan मार्केट की थी भूमिका
कानून के में जंगली जानवरों और उनके उत्पादन को लेकर रोक है। इनमें जमीन और पानी दोनों में पाए जाने वाले जानवर शामिल हैं। मेडिकल संगठनों को रीसर्च के लिए जानवरों को हासिल करने के लिए लाइसेंस लेना होगा। जमीन के जानवरों और पानी के प्रोटेक्टेड जंगली जानवरों को खाए जाने के लिए आर्टिफिशल ब्रीडिंग की भी इजाजत नहीं होगी।
उल्लंघन करने पर पैनल्टी
यही नहीं, किसी भी संगठन या शख्स को वाइल्डलाइफ या उससे जुड़े उत्पादों के प्रोडक्शन, प्रोसेस करने, इस्तेमाल या कमर्शल ऑपरेशन की इजाजत नहीं होगी। ब्रीडिंग, ट्रांसपोर्ट, ट्रेडिंग, लाना-ले जाना अवैध होगा। यहां तक कि इसे लेकर ऐड, साइनबोर्ड या रेसिपी देने पर भी प्रतिबंध होगा। अधिकारी सर्विलांस सिस्टम के जरिए इन सब गतिविधियों पर नजर रखेंगे और उल्लंघन किए जाने पर पैनल्टी लगाई जाएगी। इसके लिए बाजारों, रेस्तरां, होटेलों, ई-प्लैटफॉर्म्स और फूड प्रोसेसिंग बिजनस का इन्स्पेक्शन किया जाएगा।
वुहान की लैब में हो रहा था चमगादड़ों पर टेस्‍ट
किलर कोरोना वायरस फैलाने को लेकर वुहान की लैब दुनियाभर के निशाने पर है। चीनी लैब अमेरिका के पैसों पर चमगादड़ों पर रिसर्च कर रही थी। खबर के मुताबिक, चीन में स्थित यह लैब अमेरिकी सरकार के ग्रांट (आर्थिक मदद) पर चीनी गुफाओं से निकाले गए चमगादड़ों पर रिसर्च कर रही थी। वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ वीरोलॉजी में यह रिसर्च की जा रही थी। अमेरिकी सरकार ने इस शोध के लिए उसे करीब 10 करोड़ रुपये का ग्रांट दिया था। चीन की इस लैब पर पहले भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि उसने ही यह वायरस फैलाया है। यह लैब वुहान की मांस मार्केट के पास ही है। उन्होंने शोध के लिए 1000 मील दूर गुफाओं से चमगादड़ों पकड़े थे।
वुहान सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल ने फैलाया कोरोना!
चीन की सरकारी साउथ चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलजी के मुताबिक, हुबेई प्रांत में वुहान सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (WHDC) ने रोग फैलाने वाली इस बीमारी के वायरस को जन्म दिया हो। स्कॉलर बोताओ शाओ और ली शाओ का दावा है कि WHCDC ने लैब में ऐसे जानवरों को रखा जिनसे बीमारियां फैल सकती हैं, इनमें 605 चमगादड़ भी शामिल थे। उनके मुताबिक, ‘हो सकता है कि 2019-CoV कोरोना वायरस की शुरुआत यहीं से हुई हो।’ इसके अलावा इनके रिसर्च पेपर में यह भी कहा गया है कि कोरोना वायरस के लिए जिम्मेदार चमगादड़ों ने एक बार एक रिसर्चर पर हमला कर दिया और चमगादड़ का खून उसकी स्किन में मिल गया। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘रोगियों में मिले जीनोम सीक्वेंस 96 या 89 फीसदी थे जो बैट CoC ZC45 कोरोना वायरस के समान हैं लेकिन ये मूल रूप से राइनोफस एफिनिस में पाए जाते हैं।’ रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां मौजूद देसी चमगादड़ वुहान के सीफूड मार्केट से करीब 600 मील दूर पाए जाते हैं।
अमेरिका को टक्‍कर देने को चीन लाया कोरोना!
अमेरिकी टीवी चैनल फॉक्‍स न्‍यूज ने एक सनसनीखेज दावा किया है। फॉक्‍स न्‍यूज ने कहा है कि चीन ने एक विशेष उद्देश्‍य से इस वायरस को वुहान की लैब में पैदा किया था। फॉक्‍स न्‍यूज ने कई सूत्रों के हवाले से दावा किया कि चीन ने वुहान लैब में कोरोना वायरस को बायोवेपन के रूप में नहीं बल्कि दुनिया को अपनी ताकत दिखाने के लिए पैदा किया था। चीन ने यह दिखाने की कोशिश की कि वह कोरोना जैसे खतरनाक वायरस की अमेरिका की तरह या उससे ज्‍यादा अच्‍छे से पहचान कर सकता है और उससे पूरी ताकत के साथ निपट सकता है। एक सूत्र ने कहा, ‘यह अब तक का सबसे महंगा गुप्‍त कार्यक्रम हो सकता है।’ उन्‍होंने कहा कि शुरू में यह वायरस चमगादड़ से इंसान में पहुंचा और ‘पेशेंट जीरो’ भी वुहान की रहस्‍यमय लैब में काम करता था। पेशेंट जीरो जब वुहान की मार्केट में गया तब यह वायरस वहां भी फैल गया।
कोरोना के स्रोत की करा रहे हैं जांच: डोनाल्‍ड ट्रंप
वुहान की लैब से कोरोना वायरस के फैलने के सवाल पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा, ‘हम लगातार कई कहानियां सुन रहे हैं…हम इस मामले की जांच कर रहे हैं।’ इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने फॉक्‍स न्‍यूज से कहा था कि अमेरिका सरकार जानती है कि यह वायरस चीन के वुहान में पैदा हुआ था। उन्‍होंने कहा कि वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ वीरोलॉजी वुहान के वेट मार्केट से कुछ ही दूरी पर है। उन्‍होंने कहा, ‘चीन के सरकार के निश्चित रूप से खुलकर बताने की जरूरत है।’ इससे पहले अमेरिकी राजनयिक केबल में भी चेतावनी दी गई थी कि वुहान की लैब की सुरक्षा अच्‍छी नहीं है।
चीन ने किया खारिज पर अमेरिकी कर रहे जांच
इसके जवाब में चीन ने डब्‍ल्‍यूएचओ का हवाला देकर कहा था कि इस बात के साक्ष्‍य नहीं है कि कोरोना वायरस लैब में पैदा नहीं हुआ था। चीन ने कहा कि दुनिया के जानेमाने वैज्ञानिक मानते हैं कि कोरोना वायरस लैब में पैदा नहीं हुआ। चीन भले ही जो दावा करे लेकिन अमेरिका की खुफिया एजेंसी और राष्‍ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अधिकारी इस महामारी के स्रोत की जांच कर रहे हैं। अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन ने कहा क‍ि कोरोना वायरस को अभी वुहान की लैब से जोड़ना ठीक नहीं है। सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से कहा कि अभी इस बात के कोई संकेत नहीं है कि यह वायरस इंसान ने बनाया है। अमेरिकी खुफिया अधिकारी कोरोना वायरस को लेकर किए जा रहे सभी दावों की पड़ताल कर रहे हैं। इसमें चीन से जुड़े सभी खुफिया साक्ष्‍यों की पड़ताल की जा रही है। हालांकि कुछ खुफिया अधिकारियों ने कहा है कि शायद यह कभी पता नहीं चल पाए कि कोरोना का स्रोत क्‍या है।
520 बिलियन युआन का व्यापार
हुबेई प्रांत ने मार्च में जंगली जानवरों को खाए जाने पर बैन लगा दिया था। फरवरी में चीन की सरकार ने अस्थायी कानून लागू करके जंगली जानवरों के व्यापार और खाए जाने पर रोक लगा दी थी। चीन का वाइल्डलाइफ ट्रेड 520 बिलियन युआन का आंका जाता है। कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में 3,26,251 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 50,36,900 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। चीन में आधिकारिक तौर पर 82,965 लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की गई है जबकि 4,634 लोगों की जान जा चुकी है।

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