Sunday , March 15 2026 4:19 PM
Home / Uncategorized / क्या इमरान खान बनेंगे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, काउंटिंग के बीच ‘खेल’ में जुटी मुनीर की सेना

क्या इमरान खान बनेंगे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, काउंटिंग के बीच ‘खेल’ में जुटी मुनीर की सेना


पाकिस्तान में आम चुनाव के लिए मतदान खत्म होने के बाद बहुप्रतीक्षित अनौपचारिक और अपुष्ट नतीजे आने शुरू हो गए हैं। ताजा रुझानों में इमरान खान की पार्टी पीटीआई के उम्मीदवार बड़ी बढ़त बनाते हुए दिख रहे हैं। हालांकि, पीटीआई उम्मीदवार इस बाद निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। जेल में बंद इमरान खान ने अपनी पार्टी की जीत का दावा किया है। उधर उनकी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग जानबूझकर वोटों की गिनती में देरी कर रही है, ताकि धांधली की जा सके। उधर, नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन भी तेजी से बढ़त बना रही है। माना जा रहा है कि आज शाम तक पाकिस्तान में सबसे बड़ी पार्टी और अगले प्रधानमंत्री को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी।
पीएमएल-एन की मरियम औरंगजेब ने कहा है कि उनकी पार्टी केंद्र और पंजाब में सरकार बनाएगी। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि नतीजे अभी भी पार्टी के चुनाव सेल को प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की अनुपलब्धता के कारण परिणाम प्राप्त करना मुश्किल हो गया,” उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थिति “मजबूत” थी।
इंटरनेट और मोबाइल फोन बंदी के बीच हुआ चुनाव – कल चुनाव शुरू होने से पहले ही पाकिस्तान सरकार ने पूरे देश में मोबाइल फोन और इंटरनेट को बंद कर दिया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने मतदान किया। पाकिस्तान में चुनाव के लिए कुल 90,675 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें से 16766 को अति संवेदनशील बूथ घोषित किया गया था। मतदान के दौरान कई इलाकों से छिटपुट हिंसा की खबरें आईं, लेकिन कोई बड़ी वारदात नहीं हुई। चुनाव के एक दिन पहले पाकिस्तान के दो इलाकों में बम विस्फोट जरूर हुए थे। इस चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था में पाकिस्तानी सेना भी तैनात थी।
कौन बनेगा पाकिस्तान का प्रधानमंत्री – माना जा रहा है कि पाकिस्तान का प्रधानमंत्री वही बनेगा, जो सेना को पसंद होगा। वर्तमान में नवाज शरीफ पाकिस्तानी सेना की पहली पसंद हैं। ऐसे में दोपहर तक नवाज की पार्टी पीएमएल-एन को जीत की ओर बढ़ते हुए देखा जा सकता है। दूसरी ओर पीटीआई के उम्मीदवारों की तेजी से बढ़ती संख्या ने बाकी दलों की बेचैनी को बढ़ा दिया है। इस चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान बिलावल भुट्टो जरदारी की पार्टी पीपीपी को होता दिख रहा है। बिलावल की मां बेनजीर भुट्टो दो बार पाकिस्तान की प्रधानमंत्री रह चुकी हैं।