
जापान के लिए घटती जन्मदर एक चुनौती बन गई है। बच्चे पैदा करने की ओर लोगों का रुझान ना होने की वजह से देश एक मुश्किल जनसांख्यिकीय चुनौती का सामना कर रहा है। जन्म दर में अभूतपूर्व रूप से आई गिरावट को कम करने के लिए जापान सरकार कई कोशिशें कर रही हैं। इसमें राज्य समर्थित डेटिंग ऐप का रोलआउट भी शामिल है। कम बच्चे पैदा होने की एक बड़ी वजह लोगों का शादी से दूरी बनाना भी है। जापान में शादी करने वालों की संख्या में भी तेजी से गिरावट आ रही हैं, वहीं तलाक लेने वालों की संख्या बढ़ रही है। ये प्रवृत्ति देश में जनसांख्यिकीय असंतुलन पैदा कर रही है।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान की प्रजनन दर बीते कई वर्षों से गिर रही है। अब ये रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है। देश स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी नए आंकड़ों के अनुसार करीब 12 करोड़ की आबादी वाले देश में पिछले साल केवल 7,27,277 पैदा हुए। मंत्रालय के मुताबिक बीते साल देश में प्रजनन दर 1.26 से घटकर 1.20 पर आ गई है। प्रजनन दर को एक महिला के जीवनकाल में जन्मे बच्चों की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है। किसी जनसंख्या को स्थिर रहने के लिए 2.1 की प्रजनन दर की आवश्यकता होती है। इससे ऊपर प्रजनन दर होने पर जनसंख्या बढ़ेगी।
सरकार कर रही आबादी बढ़ाने की कोशिश – देश में जनसंख्या का संतुलन बना रहे इसके लिए जापान की सरकार ने युवाओं को शादी करने और परिवार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों को तेज कर दिया है। सरकार ने इसके लिए खुद का डेटिंग ऐप भी लॉन्च किया है। इसके साथ ही सरकारने बच्चों की देखभाल सुविधाओं का विस्तार, माता-पिता को आवास सब्सिडी की पेशकश और बच्चा पैदा होने पर मा-पिता के लिए भुगतान करने जैसी पहल भी शुरू की है।
जापान में सरकार की कोशिशों के बावजूद इस संकट से निकलना आसान नहीं है क्योंकि यहां आबादी का संकट काफी पुराना है। जापान में प्रजनन दर करीब 50 साल से 2.1 के बिन्दु से नीचे रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि 1973 के वैश्विक तेल संकट के बाद आई मंदी के बाद प्रजनन दर गिरी और आज तक कभी स्थिर मार्क पर नहीं आ सकी। हाल के वर्षों में चिंता की बात ये है कि गिरावट की प्रवृत्ति तेज हो गई है। हर साल जन्मों से अधिक मौतों की संख्या है और कुल जनसंख्या घट रही है। इसका सीधा असर जिसके जापान की वर्कफॉर्स, अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर होगा।
जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2023 में देश में 1.57 मिलियन मौतें दर्ज की गईं। जो पैदा हुए बच्चों की संख्या से दोगुनी से भी अधिक है। जापान में पिछले साल शादी करने वालों की संख्या में भी 30,000 की गिरावट आई, जबकि तलाक की संख्या में वृद्धि हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि गिरावट कम से कम कई दशकों तक जारी रहने की उम्मीद है। जापान में प्रजनन दर बढ़ने पर भी देश की जनसंख्या तब तक गिरती रहेगी जब तक कि युवाओं और बुजुर्गों का अनुपात संतुलित नहीं हो जाता।
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