
बांग्लादेश में चुनाव सुधार और निष्पक्षता की दिशा में यह कदम ऐतिहासिक साबित हो सकता है। आयोग ने मतदाताओं के अधिकार बहाल करने के लिए कमर कस ली है। जनता को अब निष्पक्ष चुनावों की उम्मीद है, जिससे देश के लोकतंत्र को नई मजबूती मिलेगी।
बांग्लादेश में चुनावी तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एएमएम नासिर उद्दीन ने घोषणा की है कि लगभग 18 करोड़ लोगों को फिर से उनके मतदान का अधिकार दिया जाएगा। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मतदाता सूची का महाअभियान – सीईसी ने रविवार को चुनाव अधिकारियों के लिए आयोजित एक ट्रेनिंग कार्यक्रम में कहा कि आयोग 20 जनवरी से घर-घर जाकर डेटा संग्रह अभियान शुरू करेगा। इस प्रक्रिया के जरिए संभावित मतदाताओं की सूची को अद्यतन किया जाएगा। नासिर उद्दीन ने कहा, “हम उन लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए यहां हैं, जो लंबे समय से मतदान से वंचित हैं।” चुनाव आयोग ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कई सुधार उपाय शुरू किए हैं। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी भी चुनावों में भाग ले सकती है, जब तक कि उस पर कोई कानूनी प्रतिबंध न लगे।
चुनावों में पारदर्शिता लाने की पहल – नवगठित चुनाव आयोग ने पुराने चुनावों में हुई अनियमितताओं की जांच करने का निर्णय लिया है। इसमें 2014, 2018 और 2024 में हुए चुनावों को खासतौर पर जांचा जाएगा, जिन्हें बांग्लादेश के इतिहास के सबसे विवादास्पद चुनावों में गिना जाता है। सीईसी ने कहा, “हम निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि देश का लोकतंत्र मजबूत हो।”
चुनाव की संभावित तारीखें – मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने संकेत दिया है कि मतदाता सूची अपडेट होने के बाद चुनाव 2025 के अंत या 2026 की पहली छमाही में हो सकते हैं।
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