
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर विदेशी छात्रों को एडमिशन देने से रोक लगा दी है। इससे हार्वर्ड में पढ़ रहे छात्र टेंशन में हैं। हार्वर्ड में विदेशी छात्रों की संख्या करीब 6800 से है। इस बीच छात्रों को हांगकांग से गुड न्यूज मिली है। दरअसल, हांगकांग एजुकेशन ब्यूरो ने कहा है कि उसने अपने यहां की यूनिवर्सिटीज को टॉप टैलेंट को देश में लाने को कहा है। ऐसा तब हो रहा है, जब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर ट्रंप सरकार का एक्शन देखने को मिला है।
अमेरिकी सरकार का कहना है कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में यहूदी विरोधी भावना को बढ़ाया दिया गया और ये संस्थान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ मिलकर काम कर रहा था। हार्वर्ड को विदेशी छात्रों को एडमिशन देने से रोका गया है, जिस वजह से जो छात्र पहले से वहां पढ़ रहे हैं, उन्हें दूसरे कॉलेजों में ट्रांसफर लेना होगा, नहीं तो उनकी कानूनी स्थिति खत्म हो जाएगी। यह नियम 2025-2026 के अकेडमिक ईयर से लागू होगा। 2024 में हार्वर्ड में जितने भी विदेशी छात्र थे, उनमें से लगभग पांचवां हिस्सा चीनी छात्र थे।
हार्वर्ड की छात्रों की मदद करने को कहा गया – रॉयटर्स के मुताबिक, हांगकांग एजुकेशन ब्यूरो ने एक ईमेल में कहा, “भी यूनिवर्सिटीज जरूरी कदम उठाएं, जिससे योग्य छात्रों को मदद मिल सके। हम छात्रों और स्कॉलर्स के अधिकारों की रक्षा करना चाहते हैं और प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करना चाहते हैं।” शिक्षा ब्यूरो ने हार्वर्ड क्लब ऑफ हांगकांग से भी बात की है और उन्हें हार्वर्ड में दाखिला लेने वाले छात्रों को मदद करने की पेशकश की है।
ब्यूरो ने कहा, “हम उन छात्रों पर नजर रखेंगे जिनकी पढ़ाई दुनिया भर में शिक्षा के बदलते माहौल से प्रभावित हो रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि वे शहर को ‘इंटरनेशनल एजुकेशन हब’ बनाने के लिए छात्रों को मदद करने के बारे में सोचेंगे।
Home / Uncategorized / हार्वर्ड के स्टूडेंट्स को हांगकांग में मिलेगी डिग्री, ट्रंप के ‘एडमिशन बैन’ के बीच आई गुड न्यूज!
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