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ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की तो उड़ा देंगे इजरायली ‘परमाणु बम’ की फैक्ट्री, तेहरान से अब तक की सबसे बड़ी धमकी


ईरान ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सत्ता परिवर्तन की कोशिश की जाती है तो इजरायल के डिमोना परमाणु साइट पर हमला किया जाएगा। ईरान के सेमी-ऑफिसियल ISNA न्यूज एजेंसी ने ईरानी के एक सैन्य अधिकारी के हवाले से इसकी जानकारी दी है। ईरानी सैन्य अधिकारी की चेतावनी उस वक्त आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधनमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बार बार सत्ता परिवर्तन को लेकर चेतावनी दी है।
हालांकि कुछ अधिकारियों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप अचानक शर्तें पूरी होने की बात कहकर युद्ध से पीछे भी हट सकते हैं, लेकिन सीनियर इजरायली अधिकारियों के हवाले से जेरूशलम पोस्ट ने कहा है कि ‘ट्रंप तब तक युद्ध में बने रहेंगे जब तक असल में ईरान में सरकार बदलना संभव नहीं हो जाएगा।’
इजरायल के एक सीनियर अधिकारी ने जेरूशलम पोस्ट को बताया है कि “ट्रंप इस कदम को पूरी तरह से आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने पहले ही टारगेट मार्क कर लिया है। वह सरकार को बदलना चाहते हैं और उनका कोई इरादा नहीं है कि वे अपनी रफ्तार कम करें।”
अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों ने कहा है कि ईरानी सरकार अभी मौजूदा हालात को संभालने में जूझ रही है इसकी वजह न सिर्फ सीनियर सरकार और मिलिट्री लीडर्स को हुआ नुकसान है, खासकर ऑपरेशन के शुरुआती पलों में, बल्कि मिड-लेवल कमांडरों, फील्ड यूनिट्स और कमांड सेंटर्स पर हुए हमले भी हैं।
डिमोना न्यूक्लियर साइट क्या है? – डिमोना न्यूक्लियर साइट को आधिकारिक तौर पर शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर कहा जाता है। ये इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में स्थित एक बेहद गुप्त परमाणु केंद्र है। इसका निर्माण 1950 के दशक में शुरू हुआ था। इजरायल ने इसे फ्रांस की गुप्त तकनीकी की मदद से इसका निर्माण किया था।
शुरुआत में इसे छिपाने के लिए दुनिया को बताया गया था कि यह एक कपड़ा फैक्ट्री है। इजरायल आधिकारिक तौर पर इसे एक रिसर्च सेंटर बताता है जो विज्ञान, स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल पर काम करता है।
डिमोना न्यूक्लियर साइट की सुरक्षा काफी सख्त – लेकिन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह इजरायल के परमाणु हथियार कार्यक्रम का केंद्र है। माना जाता है कि यहां प्लूटोनियम का उत्पादन किया जाता है जो परमाणु बम बनाने के काम आता है।
हालिया सयम में कुछ सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए दावा किया गया है कि इस साइट पर नये सिरे से निर्माण कार्य हो रहे हैं। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे सुरक्षित इलाकों में से एक है। यहां की सुरक्षा इतनी कड़ी है कि इसके ऊपर से विमान उड़ाना भी प्रतिबंधित है।