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ईरान पर ‘आखिरी फैसला’ लेने के लिए ट्रंप की सिचुएशन रूम की बैठक खत्म, वॉइट हाउस से आया पहला बयान


ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सिचुएशन रूम की अहम बैठक में फैसला नहीं हो पाया है। दो घंटे तक चली बैठक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने समझौते को मंजूरी नहीं दी है। बैठक के बाद जारी बयान में वॉइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि किसी भी समझौते को अमेरिकी राष्ट्रपति की शर्तों को पूरा करना होगा।
वॉइट हाउस का आया बयान – बैठक के बाद जारी बयान में वॉइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि “राष्ट्रपति ट्रंप केवल वही समझौता करेंगे, जो अमेरिका के लिए अच्छा हो और उनकी रेडलाइन को पूरा करता हो। ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं हो सकता।” अधिकारी ने बताया कि सिचुएशन रूप की बैठक लगभग दो घंटे तक चली।
ट्रंप ने जब स्थानीय समयानुसार शुक्रवार सुबह 11 बजे इस बैठक के बारे में पहली बार जानकारी दी थी, तो बताया था कि इसका मकसद ईरान के साथ डील पर अंतिम फैसला लेना है। ट्रंप ने कई ऐसी शर्तें रखी थीं, जिनके बारे में उन्हें उम्मीद थी कि युद्ध समाप्त करने के लिए संभावित समझौते में ईरान मानने को तैयार होगा।
ट्रंप ने क्या बताई थी शर्तें – ईरान को मानना होगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार या बम नहीं बनाएगा
होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत बिना किसी रोक-टोक के, दोनों तरफ से जहाजों की आवाजाही के लिए खोल देना चाहिए।
ईरान बची हुई समुद्री सुरंगों का पता लगाकर उन्हें खत्म करेगा।
ईरान ने कहा- नहीं मानेंगे दबाव – हालांकि, ईरान ने बाद में कहा कि बातचीत चल रही है लेकिन अभी कोई भी आखिरी समझौता नहीं हुआ है। ईरान ने कहा कि वह किसी बाहरी दबाव में कोई कदम नहीं उठाएगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने सरकारी टीवी से कहा, “तेहरान ने 47 साल पहले ही ‘जरूरी है’ वाली भाषा को अलविदा कह दिया था। हम अपने फैसले ईरान के हितों और अधिकारों के आधार पर खुद लेते हैं।”
बाकेई ने उन दावों को खारिज कर दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर कोई बातचीत हुई है। उन्होंने कहा, परमाणु मुद्दे के बारे में हमारी कोई बातचीत नहीं हो रही है। यह बात ट्रंप के बार-बार किए दावों के उलट है। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने तेहरान को साफ बता दिया है कि वह अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को जारी नहीं रख सकता है।