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पहले हाफ में 6 येलो कार्ड, फिर मोरक्को ने दूसरे हाफ में बरपाया कहर, ह्यूस्टन में धमाकेदार जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह


कनाडा का फीफा वर्ल्ड कप 2026 का ऐतिहासिक और यादगार सफर आखिरकार घरेलू सरजमीं पर समाप्त हो गया। 4 जुलाई को ह्यूस्टन स्टेडियम में खेले गए पहले राउंड ऑफ 16 मुकाबले में मोरक्को ने दूसरे हाफ में अपने आक्रामक खेल के दम पर कनाडा को 3-0 से हरा दिया। मोरक्को के लिए स्टार मिडफील्डर अजेदीन औनाही ने दो शानदार गोल किए, जबकि सब्सीट्यूट खिलाड़ी सुफियान रहीमी ने स्टॉपेज टाइम में तीसरा गोल दागकर कनाडा की विदाई तय कर दी। इस शानदार जीत के साथ मोरक्को ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है, जहां उनका सामना फ्रांस से होगा।
हालांकि, 3-0 का यह अंतिम स्कोरलाइन इस बात को पूरी तरह बयां नहीं करता कि शुरुआती एक घंटे तक दोनों टीमों के बीच कितनी कांटे की टक्कर थी। जेसी मार्श के मार्गदर्शन में खेल रही सह-मेजबान कनाडा की टीम ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की थी, लेकिन मोरक्को ने अपने मजबूत डिफेंस और क्लिनिकल फिनिशिंग के दम पर दूसरे हाफ में पासा पलट दिया। यह मुकाबला शारीरिक रूप से बेहद आक्रामक रहा, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल पहले हाफ में ही रेफरी को 6 बार येलो कार्ड निकालना पड़ा।
कनाडा के शुरुआती हमलों के सामने दीवार बना मोरक्को का डिफेंस – मैच शुरू होते ही कनाडाई टीम ने मोरक्को पर हाई-प्रेसिंग गेम के जरिए दबाव बनाना शुरू किया और उन्हें अपने ही हाफ में पीछे धकेल दिया। कनाडा के दबदबे का अंदाजा इस आंकड़े से लगाया जा सकता है कि पूरे मैच में कनाडा को 11 कॉर्नर किक मिले, जबकि मोरक्को को सिर्फ 1 कॉर्नर मिला। कनाडा ने कुल 10 प्रयास किए, जिसमें से 3 शॉट ऑन टारगेट थे। मैच के छठे मिनट में रिची लारिया ने लेफ्ट फ्लैंक से दौड़ते हुए जोनाथन डेविड को एक बेहतरीन कट-बैक पास दिया। डेविड ने एक जोरदार शॉट लगाया, जिसे मोरक्को के अनुभवी गोलकीपर यासीन बोनो ने शानदार तरीके से रोक दिया। कुछ ही पलों बाद कनाडाई खिलाड़ी तानी ओलुवासेयी ने पेनाल्टी बॉक्स के अंदर अपने मार्कर को छकाते हुए एक बेहद शक्तिशाली शॉट दागा, लेकिन एक बार फिर बोनो ने अपनी चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए इस खतरे को टाल दिया।
शुरुआती झटकों को झेलने के बाद मोहम्मद उहबी की मोरक्को टीम ने पासिंग गेम के जरिए मैच पर धीरे-धीरे अपना नियंत्रण बनाना शुरू किया। मोरक्को ने 56 प्रतिशत बॉल पजेशन रखा और 399 में से 340 पास पूरे किए। इस सटीक पासिंग के दम पर उन्होंने कनाडा द्वारा बनाई गई तेज गति को धीमा कर दिया। दूसरी तरफ, कनाडा ने 347 में से 273 पास पूरे किए, लेकिन वे मोरक्को के संगठित डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे।
हाफ-टाइम से पहले येलो कार्ड की बारिश – जैसे-जैसे कनाडा के हमले असफल होते गए, मैच में खिलाड़ियों का गुस्सा और आक्रामकता बढ़ती गई। रेफरी माइकल ओलिवर को दोनों तरफ से हो रहे कड़े टैकल्स को रोकने के लिए लगातार अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी पड़ी। मैच के 19वें मिनट में मोरक्को के रेडुआने हलाल को पहला येलो कार्ड दिखाया गया। इसके बाद 21वें मिनट में मोरक्को को एक बड़ा झटका लगा जब इस्माइल साईबारी घुटने की चोट के कारण मैदान से बाहर जाने पर मजबूर हो गए और उनकी जगह सुफियान रहीमी को मैदान पर उतारा गया।
मैदान पर पारा तब और चढ़ गया जब 39वें मिनट में मोरक्को के अशरफ हकीमी और कनाडा के रिची लारिया के बीच तीखी बहस हो गई, जिसके बाद रेफरी ने दोनों को येलो कार्ड थमा दिया। इसके बाद 42वें मिनट में जोनाथन डेविड को एक टैक्टिकल फाउल के लिए येलो कार्ड मिला, जबकि मोरक्को के अज़ेदीन औनाही और बिलाल एल खानौस भी बुकिंग का शिकार हुए। पहले हाफ की समाप्ति तक कुल 6 खिलाड़ी येलो कार्ड पा चुके थे, जो इस नॉकआउट मैच के भारी दबाव और तनाव को दर्शाता है।