
कुछ लोगों शराब नहीं पीते ऐसे में उनको लगता है कि उन्हें लिवर से जुड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसा मान लेना गलत है, क्योंकि आपकी रोजाना की कुछ आदतों का असर लिवर पर पड़ता है, फिर चाहे आप शराब न पीते हो तब भी लिवर प्रभावित हो सकता है। डॉक्टर से जानते हैं कि ऐसी क्या आदतें हैं जो लिवर को जाने-अनजाने खराब कर सकती हैं।
लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो भोजन को एनर्जी में बदलने, विषैले पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने, दवाओं को मेटाबोलाइज करने और पाचन के लिए जरूरी बाइल (Bile) बनाने का काम करता है। अक्सर लोग मानते हैं कि सिर्फ शराब पीने से ही लिवर खराब होता है, लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई ऐसी रोजमर्रा की चीजें भी हैं जो धीरे-धीरे लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इनमें बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार पेन किलर दवाओं को लेना, हर्बल सप्लीमेंट्स का गलत इस्तेमाल, शुगर युक्त ड्रिंक्स का अधिक सेवन, प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन और जरूरत से ज्यादा एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन शामिल हैं।
क्या बिना शराब पिए भी लिवर खराब हो सकता है? – विशेषज्ञों के अनुसार बिना शराब पिए भी लिवर खराब हो सकता है। एनएचएस के मुताबिक आज के समय में नॉन एल्कोल्हिक फैटी लिवर डिजीज दुनिया में लिवर की सबसे आम बीमारियों में शामिल हैं। इसमें लिवर में एक्सट्रा फैट जमा होने लगता है, चाहे व्यक्ति शराब नहीं पीता हो तब भी यह समस्या हो सकती है। दरअसल, मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, अधिक चीनी वाला आहार और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी सूजन (NASH), लिवर सिरोसिस और यहां तक कि लिवर फेलियर तक पहुंच सकती है।
पेनकिलर का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल – मेडलाइन प्लस के अनुसार दर्द या बुखार होने पर लोग अक्सर बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर जैसे कि निमोस्लाइडड या निमोस्लाइड पैरा या कुछ NSAIDs का बार-बार सेवन करते हैं। सही मात्रा में ये दवाएं सुरक्षित मानी जाती हैं, लेकिन अधिक मात्रा या लंबे समय तक सेवन करने से लिवर पर गंभीर असर पड़ सकता है। विशेष रूप से यदि किसी को पहले से लिवर रोग हो तो लिवर से जुड़ी गंभीर समस्या का जोखिम बढ़ जाता है।
हर्बल सप्लीमेंट्स का गलत उपयोग – एनसीबीआई के मुताबिक कई लोग यह मान लेते हैं कि “हर्बल” या “नेचुरल” लिखा होने का मतलब पूरी तरह सुरक्षित होना है। लेकिन सभी हर्बल सप्लीमेंट्स वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं होते। कुछ आयुर्वेदिक, हर्बल या बॉडीबिल्डिंग सप्लीमेंट्स में ऐसे तत्व पाए गए हैं जो लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं, खासकर यदि उन्हें लंबे समय तक या बिना विशेषज्ञ की सलाह के लिया जाए। इसलिए कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
शुगरी ड्रिंक्स – एनसीबीआई के अनुसार कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस, फ्लेवर्ड कॉफी और अन्य मीठे पेय पदार्थों में अक्सर अधिक मात्रा में ऐडड शुगर और हाई फ्रूक्टोज कोर्न सिरप होता है। अधिक फ्रक्टोज का सेवन लिवर में फैट जमा होने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है, जिससे फैटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है।
किन आदतों से लिवर को नुकसान होता हैं? (Designed By Magnific) -एनसीबीआई के अनुसार चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स, इंस्टेंट नूडल्स, प्रोसेस्ड मीट, बिस्कुट और फास्ट फूड जैसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स में अधिक नमक, ट्रांस फैट, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और प्रिजर्वेटिव्स हो सकते हैं। इनका नियमित सेवन मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस और फैटी लिवर के खतरे को बढ़ा सकता है। यदि आपका आहार लंबे समय तक ऐसे खाद्य पदार्थों पर आधारित है, तो लिवर की सेहत प्रभावित हो सकती है।
एनर्जी ड्रिंक्स से लिवर पर प्रभाव – एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन और अन्य उत्तेजक तत्व होते हैं, जो किडनी के साथ ही लिवर को भी प्रभावित कर सकते हैं। एनसीबीआई के अनुसार रोजाना शुगर फ्री एनर्जी ड्रिंक्स पीने से लिवर को गंभीर नुकसान हो सकते हैं। साथ ही, लिवर इंजरी का भी जोखिम बढ़ जाता है।
लिवर को नुकसान पहुंचाने के लिए केवल शराब ही जिम्मेदार नहीं होती। रोजमर्रा की कई सामान्य आदतें और उत्पाद—जैसे जरूरत से ज्यादा पेनकिलर, बिना सलाह के हर्बल सप्लीमेंट्स, शुगर ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड फूड, एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन—धीरे-धीरे लिवर की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इनमें से अधिकांश जोखिमों को सही जीवनशैली, संतुलित आहार और दवाओं के जिम्मेदार उपयोग से कम किया जा सकता है। यदि आपको लगातार थकान, पेट में दर्द, भूख कम लगना या पीलिया जैसे लक्षण महसूस हों, तो इन्हें नजरअंदाज न करें और समय रहते डॉक्टर से जांच करवाएं। स्वस्थ लिवर ही स्वस्थ शरीर की मजबूत नींव है।
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