
दिन के समय सामान्य लगने वाले कुछ लोगों को भी रात के समय अचानक सांस फूलने, हृदय तेजी से धड़कने या किसी तरह की अनहोनी का डर सताने लगता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो इसको नॉक्टर्नल पैनिक अटैक (Nocturnal Panic Attack) कहा जाता है। रात के समय होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावोंं की वजह से इस तरह का डर सताने लगता है। इसमें व्यक्ति को रात में अधिक पसीना आना या कुछ मामलों में पूरा शरीर कांपने तक के लक्षण महसूस होते हैं।
कुछ लोगों को रात के समय अचानक डर लगने लगता है। इस दौरान बिना किसी कारण उनको घबराहट होने, पसीना आने और किसी तरह की अनहोनी होने का डर सताने लगता है। इस स्थिति को डॉक्टर पैनिक अटैक कहते हैं। दरअसल, दिन के समय दिमाग में रहने वाली चिंताओं और तनाव पर अन्य कामों में व्यस्त होने से ध्यान नहीं जाता है। लेकिन, जब आप रात के समय शांत माहौल में सोने जाते हैं तो यह शांत माहौल आपकी चिंता को ट्रिगर कर सकता है। जिससे पैनिक अटैक आ सकता है। कुछ लोगों को नींद के बीच में पैनिक अटैक भी आ सकता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो रात के समय आने वाली इस स्थिति को नॉक्टनर्ल पैनिक अटैक के नाम से जाना जाता है।
नींद के दौरान शरीर और मस्तिष्क कई जैविक बदलावों से गुजरते हैं। विशेष रूप से हल्की और गहरी नींद के बीच होने वाले ट्रांजिशन कुछ लोगों के लिए खतरे के संकेत जैसे महसूस हो सकते हैं, जिससे अचानक पैनिक अटैक ट्रिगर हो सकता है। इसके अलावा कोर्टिसोल और अन्य तनाव हार्मोन के स्तर में होने वाले बदलाव भी रात की घबराहट को बढ़ा सकते हैं। यह समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब व्यक्ति को सोने से ही डर लगने लगता है। यह डर नींद की गुणवत्ता खराब करता है और पैनिक अटैक का चक्र लगातार बना रहता है।
रात के समय शांत माहौल से चिंताओं पर ध्यान जाना – दरअसल, दिन के दौरान काम, लोगोंं के साथ मिलने-जुलने, सोशल मीडिया आदि की वजह से व्यक्ति व्यस्त रहता है। ऐसे में चिंता या तनाव की तरफ ध्यान नहीं जाता है। लेकिन, रात के समय शांत माहौल और बाहरी गतिविधि कम होने से ध्यान चिंता की तरफ जाने लगता है। क्लिवलैंड क्लीनिक के अनुसार ऐसे में व्यक्ति अपने विचारों, भावनाओं और शरीर के संकेतों पर अधिक ध्यान देने लगता है। यदि किसी को पहले से चिंता या तनाव की समस्या है, तो यह आंतरिक फोकस नकारात्मक सोच और डर को बढ़ा सकता है। कई मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि यही कारण है कि रात में चिंताजनक विचार अधिक शक्तिशाली महसूस होते हैं।
नींद की स्टेज से ट्रिगर हो सकता है पैनिक अटैक – जब आप सोते हैं तो आपकी नींद को कई स्टेज में बांटा जाता है। जामानेटवर्क की स्टडी के मुताबिक कई नॉक्टर्नल पैनिक अटैक हल्की और गहरी नींद के बीच होने वाले ट्रांजिशन के दौरान होते हैं। इन चरणों में सांस लेने की गति, हृदय गति और मस्तिष्क की गतिविधि में बदलाव आते हैं। कुछ संवेदनशील लोगों में ये सामान्य बदलाव भी दिमाग द्वारा खतरे के संकेत की तरह लगते हैं। ऐसे में अचानक घबराहट, सांस रुकने जैसा एहसास या तेज धड़कन महसूस हो सकती है।
हार्मोन का प्रभाव – रात के समय चिंता और तनाव के लिए जिम्मेदार माने जाने वाले कोर्टिसोल हार्मोन स्ट्रेस को बढ़ा सकते हैं। हालांकि कोर्टिसोल का स्तर आमतौर पर सुबह बढ़ता है, लेकिन जिन लोगों में स्ट्रेस डिसऑर्डर या पैनिक डिसऑर्डर होता है, उनमें हार्मोनल असंतुलन और तनाव प्रतिक्रिया अधिक संवेदनशील हो सकती है। एनसीबीआई के अनुसार इससे शरीर सामान्य शारीरिक बदलावों को भी खतरे की तरह महसूस कर सकता है। यही वजह कि तनाव की वजह से सांसों में आई तेजी को भी कई बार दिमाग खतरे की तरह समझता है, इससे सांसों और पैनिक अटैक के बीच संबंध पाया गया है।
रात में पैनिक अटैक आने के कारण (Designed by Magnific) – कुछ लोगों को एक या दो बार पैनिक अटैक महसूस होने के बाद सोने में डर लगने लगता है। उनको लगता है कि सोने के बाद दोबारा से रात में घबराहट न होने लगे। कुछ समय के बाद यह डर खुद ही पैनिक अटैक का एक ट्रिगर बन जाता है। इसकी वजह से व्यक्ति देर रात तक जागता है, उसकी नींद पूरी नहीं होती है और तनाव बढ़ने लगता है। स्लीप फाउंडेशन के अनुसार इस तरह के डर को फियर ऑफ स्लीप कहा जाता है, जो पैनिक अटैक की वजह बन सकता है।
नॉक्टर्नल पैनिक अटैक के सामान्य लक्षण – क्लिवलैंड क्लीनिक के अनुसार रात मे होने वाले पैनिक अटैक के साथ कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं। इनको आगे बताया गया है।
डर की वजह से नींद खुल जाना – रात के समय डर की वजह से अधिक पसीना आना
दिल की धड़कन तेज होना
सांस का फूलना
शरीर और हाथ-पैर कांपना
चक्कर आना
सीने में दबाव और दर्द महसूस होना आदि। – रात की खामोशी, नींद के दौरान होने वाले जैविक बदलाव और सोने का डर मिलकर पैनिक अटैक की समस्या को बढ़ा सकते हैं। अच्छी नींद की आदतें, तनाव को मैनेज करना और समय पर विशेषज्ञ की मदद लेने से इस चक्र को तोड़ा जा सकता है।
Home / Lifestyle / क्या आपको भी रात में लगता है कि कुछ बुरा होने वाला है? जानिए रात में पैनिक अटैक की असली वजह क्या है?
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