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भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में मार गिराई थी Fatah मिसाइल, अब इसके नेक्स्ट वैरिएंट का टेस्ट करेगा पाकिस्तान


पाकिस्तान क्या फतह-3 मिसाइल का परीक्षण करने जा रहा है? दरअसल पाकिस्तान ने 19-20 अगस्त के दौरान हवाई क्षेत्र के एक बड़े हिस्से पर रोक लगाते हुए ‘नोटिस टू एयरमेन’ यानि NOTAM जारी किया है। इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि देश अपनी ‘फतह’ सीरीज की मिसाइल प्रणालियों के परीक्षण की तैयारी कर रहा हो सकता है। पिछले साल पाकिस्तान ने फतह-2 मिसाइल भारत पर लॉन्च किया था जिसे सिरसा के ऊपर बराक एयर डिफेंस सिस्टम से इंटरसेप्ट किया गया था।
यह NOTAM लगभग 750 किलोमीटर के दायरे को कवर करता है। रक्षा विशेषज्ञों और इंटेलिजेंस इनपुट्स के मुताबिक इस लंबे एयरस्पेस ब्लॉक का सीधा संबंध पाकिस्तान की नई गाइडेड रॉकेट और सुपरसोनिक मिसाइल ‘फतह-3’ के संभावित सीक्रेट टेस्ट से जोड़ा जा रहा है।
पाकिस्तान की फतह सीरीज की मिसाइल को जानिए – ‘फतह’ सीरीज की मिसाइलें पाकिस्तान की अपनी पारंपरिक सटीक-हमला क्षमता विकसित करने की कोशिशों का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा है। ये सिस्टम पाकिस्तान आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड (ARFC) से जुड़े हैं जिसे सेना की लंबी दूरी तक पारंपरिक हमले करने की क्षमता को मजबूत करने के लिए बनाया गया है। पाकिस्तानी सेना अभी Fatah-1 और Fatah-2 सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है जबकि देश की विकसित होती रॉकेट फोर्स में Fatah-4 के शामिल होने की भी खबर है।
Fatah-3 और Fatah-4- पाकिस्तान ने मई 2026 में Fatah-3 सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का अनावरण किया था जिसे चीनी HD-1 मिसाइल पर आधारित बताया जा रहा है। वहीं कुछ खबरों में इसे Fatah-4 क्रूज मिसाइल का टेस्ट भी कहा जा रहा है जिसकी मारक क्षमता ठीक 750 किलोमीटर बताई जाती है।
Fatah-3 और Fatah-5 की घोषणा तो की गई है लेकिन उन्हें अभी सबके सामने नहीं लाया गया है जिससे उनकी खूबियों, ऑपरेशनल स्टेटस और तैनाती को लेकर अभी ज्यादा जानकारी नहीं है। माना जाता है कि ‘फतह-1’ कम दूरी वाला गाइडेड रॉकेट सिस्टम है जबकि इसके बाद के वर्जन ने पाकिस्तान की स्ट्राइक रेंज और सटीकता को धीरे-धीरे बढ़ाया है। फतह सीरीज की मिसाइलों को डेवलप करने का मकसद लड़ाकू विमानों पर निर्भरता कम करते हुए मिसाइल हमले की तीव्रता को बढ़ाना है। इसीलिए फतह-3 के परीक्षण की चर्चा पर भारत की पैनी नजर होगी खासकर इसकी एडवांस्ड क्षमता को लेकर।