
लाहौर: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद से हटाए गए नवाज शरीफ और उनके परिजन आज दूसरी बार देश की शीर्ष भ्रष्टाचार निरोधक संस्था राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के सामने पेश नहीं हुए ।
पनामा पेपर्स में शरीफ और उनके परिजन के खिलाफ धनशोधन और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे और इसी सिलसिले में एनएबी उनसे पूछताछ करना चाहता है । एनएबी के प्रवक्ता असीम अली नवाजिश ने मीडिया को बताया, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनके बेटे-बेटी- हसन, हुसैन, मरियम – और उनके दामाद कैप्टन (सेवानिवृत) सफदर को आज एनएबी के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उनमें से कोई भी नहीं आया ।
शरीफ,उनके बेटे-बेटी और दामाद को आज उस मामले में सम्मन किया गया था जिसमें आरोप है कि मरियम कुछ विदेशी कंपनियों की लाभार्थी हैं। शरीफ और उनके बेटों – हसन और हुसैन – को शुक्रवार को धनशोधन और भ्रष्टाचार के एक अलग मामले में सम्मन किया गया था, लेकिन वह उस दिन भी एनबीए के सामने पेश नहीं हुए। उन्होंने कहा,उच्चतम न्यायालय के आदेश पर हम भ्रष्टाचार के अलग-अलग मामलों में शरीफ परिवार की जांच कर रहे हैं।
शरीफ ने एनएबी को एक पत्र लिखकर कहा है कि उनकी पुनर्विचार याचिका पर उच्चतम न्यायालय का फैसला आने के बाद ही वह एनएबी के सामने पेश होकर जांच में हिस्सा लेंगे। न्यायालय ने 28 जुलाई को अपने फैसले में शरीफ को प्रधानमंत्री पद के अयोग्य करार दिया था, जिसके बाद उन्हें पद से हटना पड़ा था। पूर्व प्रधानमंत्री ने एक पत्र में कहा था, मेरे परिजन और मैं एनएबी की जांच में तभी शामिल होंगे जब मुझे अयोग्य करार देने के खिलाफ दायर मेरी पुनर्विचार याचिका पर उच्चतम न्यायालय फैसला सुना देगा। न्यायालय अगले महीने की शुरूआत में शरीफ की अर्जी पर फैसला सुना सकता है ।
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