
बीजिंग : चीन के एक विद्वान ने कहा कि ब्रिक्स घोषणापत्र में पाकिस्तान आधारित कुछ आतंकी समूहों के नाम शामिल करने से इस्लामाबाद ‘झल्ला सकता है’ और इससे चीन के साथ उसके संबंधों में तनाव आ सकता है। ‘चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ कंटेपररी इंटरनेशनल रिलेशंस’ के निदेशक शिशेंग ने कहा कि चीनी राजनयिकों को आने वाले महीनों में पाकिस्तान के समक्ष बहुत सारे स्पष्टीकरण देने होंगे।
उन्होंने कहा कि इस घोषणापत्र में हक्कानी नेटवर्क का नाम शामिल करना ‘मेरी समझ से परे’ है। हू ने कहा, ‘‘इस समूह का प्रमुख ही वास्तव में अफगान तालिबान का प्रमुख है। इससे अफगान राजनीतिक सुलह की प्रक्रिया में चीन की भूमिका और जटिल होगी। हम यह भी कह सकते हैं कि भविष्य में हमारी कोई भूमिका नहीं होगी।’’ ब्रिक्स घोषणापत्र में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों के नाम शामिल किए जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरी समझ से परे है कि चीन इस पर कैसे सहमत हो गया है। मुझे नहीं लगता कि यह अ‘छा विचार है।’’
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