
बांग्लादेश की चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ती दोस्ती भारत के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने शेख मुजीबुर रहमान के घर को जला दिया और उसे बुलडोजर से ढहा दिया। इसका बांग्लादेश में ऐतिहासिक महत्व रहा है। इससे शेख हसीना बुरी तरह से भड़की हुई हैं।
बांग्लादेश को पाकिस्तानी सेना के जुल्म से आजादी दिलाने वाले बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान के घर को आग लगाकर उसे बुलडोजर से ढहा दिया गया है। बुधवार की रात को शेख हसीना के भारत से दिए जा रहे भाषण के बीच कट्टरपंथियों ने उनके पिता शेख मुजीबुर्रहमान के ढाका स्थित घर को आग लगा दी। यही नहीं बुलडोजर बुलाकर रातभर से इसे ढहाया गया। बुलडोजर चलने की यह प्रक्रिया सुबह भी जारी है। इन कट्टरपंथियों ने भारत को भी गीदड़भभकी दी है। ढाका के धानमोंडी इलाके में हजारों की तादाद में कट्टरपंथी पहुंच गए थे और उन्होंने शेख हसीना के घर को भी आग के हवाले कर दिया। इस हमले के बाद भी भारत में मौजूद शेख हसीना शांत नहीं हुईं और उन्होंने मोहम्मद युनूस सरकार को जमकर सुनाया और कट्टरपंथियों को ललकारा। विश्लेषकों का कहना है कि चीन और पाकिस्तान खुलकर इन कट्टरपंथियों का समर्थन कर रहे हैं जिससे उनका दुस्साहस बढ़ता जा रहा है। आइए समझते हैं पूरा मामला…
दरअसल, जब से बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद मोहम्मद युनूस ने कमान संभाली है, तब से भारत के दुश्मनों चीन और पाकिस्तान के साथ वह अपने रिश्ते मजबूत करने में जुट गए हैं। बांग्लादेश की सेना के दूसरे प्रमुख अधिकारी ने हाल ही में रावलपिंडी की यात्रा की थी। इसके बाद पाकिस्तानी सेना की खुफिया एजेंसी आईएसआई के कई आला अधिकारी दुबई के रास्ते बांग्लादेश पहुंचे थे। मोहम्मद युनूस भी दो बार पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के साथ मुलाकात कर चुके हैं। पाकिस्तान के डेप्युटी पीएम इशाक डार इस महीने ढाका जाने वाले हैं। यही नहीं चीन के ढाका में राजदूत खुलकर कट्टरपंथियों के साथ मंच साझा कर रहे हैं।
भारत के दुश्मनों से दोस्ती बढ़ा रहा बांग्लादेश – बांग्लादेश में चीन और पाकिस्तान की बढ़ती धमक से भारत के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। शेख हसीना के जाने के बाद चीन ने बांग्लादेश की युनूस सरकार के साथ कई बार उच्च स्तरीय बैठक की है। वहीं भारत के साथ शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। यही नहीं बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ भी जमकर हिंसा हुई है। लंदन के चैथम हाउस में शोधकर्ता चैतीगज बाजपेयी का कहना है, ‘असलियत यह है कि अंतरिम सरकार उन देशों (न केवल चीन बल्कि पाकिस्तान भी) के साथ गलबहियां कर रही है, जिनके साथ भारत के ऐतिहासिक रूप से संबंध खराब रहे हैं जिससे नई दिल्ली और ढाका के बीच रिश्ते संदेह में घिर गए हैं।’
पिछले महीने ही बांग्लादेश के कार्यवाहक विदेश मंत्री तौहिद हुसैन ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बीजिंग में मुलाकात की है। वांग यी ने तौहिद हुसैन से कहा, ‘चीन बांग्लादेश को अपनी राष्ट्रीय स्वतंत्रता, संप्रभुता और राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा करने में समर्थन करता है।’ उनका इशारा भारत के साथ बांग्लादेश के तनाव की ओर था। उन्होंने कहा कि चीन बांग्लादेश को आर्थिक और सामाजिक विकास में मदद करने का इच्छुक है। चीन मामलों के विशेषज्ञ रक्षित शेट्टी ने साऊथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से बातचीत में कहा कि चीन और बांग्लादेश के बीच आर्थिक रिश्ते मजबूत हुए हैं। चीन अपनी सोलर पैनल की फैक्ट्री को बांग्लादेश भेज रहा है ताकि उसका निर्यात बढ़ाया जा सके।
माना जा रहा है कि मोहम्मद युनूस जल्द ही चीन की यात्रा पर जा सकते हैं। चीन और बांग्लादेश के बीच अगर दोस्ती मजबूत होती है तो इससे भारत की मोलभाव की ताकत कमजोर होगी। चीन बांग्लादेश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार और बीआरआई का हिस्सा है। बांग्लादेश अब चीन और पाकिस्तान के बनाए फाइटर जेट लेने की योजना बना रहा है। इससे भारत के चिकन नेक कहे जाने वाले सिलगुड़ी कॉरिडोर पर सुरक्षा का गणित गड़बड़ा सकता है। पाकिस्तानी सेना का एक दल कुछ समय पहले ही भारत के चिकन नेक के पास गया था। बांग्लादेश ने कई मुस्लिम कट्टरपंथियों को छोड़ा है जो भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं।
Home / News / बंगबंधु के घर को बनाया खंडहर, चीन और पाक का मिला साथ तो बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने मचाया तांडव, भारत को बड़ा खतरा
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