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राफेल से टकराने वाला विमान बांग्लादेश को देगा चीन! पाकिस्तान के बाद च‍िकननेक के पास भी ड्रैगन, टेंशन


बांग्लादेश और चीन के बीच कम से कम 24 जे-10सीई मल्टीरोल फाइटर जेट सौदे पर चर्चा चल रही है। अगर ये सौदा होता है तो पाकिस्तान के बाद भारत के पूर्वी सीमा पर भी चीनी लड़ाकू विमानों की तैनाती हो जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये सौदा करीब 2.2 अरब डॉलर का हो सकता है जिसके तहत चीन बांग्लादेशी पायलट्स को ट्रेनिेंग देगा, लॉजिस्टिक मदद, मरम्मत, स्पेयर पार्ट्स और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर देगा। ये सहयोग 2035-36 तक चलने की संभावना है। यानि भारत की पूर्वी संवेदनशील सीमा के पास चीनी अधिकारियों को देखा जा सकता है।
डिफेंस एक्सपर्ट्स इसे सिर्फ एक सैन्य डील नहीं मान रहे हैं बल्कि पाकिस्तान के बाद पूर्वी सीमा पर चीनी लड़ाकू इको सिस्टम का डेवलपमेंट मान रहे हैं। अगर बांग्लादेश J-10CE लड़ाकू विमान को शामिल करता है तो वह उसी चीनी-निर्मित फाइटर जेट का इस्तेमाल करेगा जिसे पाकिस्तान ने मई 2025 में भारतीय राफेल विमानों के खिलाफ इस्तेमाल किया था।
राफेल के नाम पर J-10CE विमान बेचने की कोशिश में चीन – भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद राफेल से मुकाबला करने और युद्ध में इस्तेमाल की बात कहकर पिछले साल से ही चीन अपने विमान को बेचने की कोशिश रहा है। उसने अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में राफेल को लेकर काफी झूठी बातें भी फैलाई लेकिन अभी तक वो एक भी ग्राहक हासिल नहीं कर पाया है। बांग्लादेश भी जियो पॉलिटिक्स की वजह से चीनी जेट में दिलचस्पी दिखा रहा है। भारतीय एक्सपर्ट की चिंता बांग्लादेश को ये फाइटर जेट मिलना नहीं है बल्कि सीमा पर चीनी इको सिस्टम का डेवलपमेंट है।
माना जा रहा है कि इस महीने चीन और बांग्लादेश के बीच J-10CE विमान को लेकर समझौता होने की संभावना है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अगले साल शायद चीन इन विमानों की डिलीवरी भी बांग्लादेश को करना शुरू कर सकता है। चीन में बने एडवांस्ड फाइटर जेट्स का खास कॉम्बिनेशन भारत के अहम और संवेदनशील इलाकों के भौगोलिक रूप से करीब होना, बांग्लादेश का लंबे समय तक चीन पर निर्भर होना और बंगाल की खाड़ी के सुरक्षा माहौल में चीन का बढ़ता प्रभाव भारत के लिए चिंता के विषय हैं।