
अमेरिका और ईरान के बीच तीन महीने से जारी तनाव को कम करने की दिशा में बड़ी सफलता मिल सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष 60 दिनों के लिए तैयार किए गए एक समझौते पर पहुंच गए हैं। हालांकि, अभी इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से मंजूरी नहीं मिली है। इसके पहले गुरुवार को आई रिपोर्टों में कहा गया था कि अमेरिका और ईरान के वार्ताकारों में युद्धविराम को आगे बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर सहमति बन गई है।
दो अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए Axios ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्रस्तावित समझौता 60 दिनों तक प्रभावी रहेगा। इसका मकसद युद्ध को रोकना, अमेरिकी नेवी की नाकेबंदी को खत्म करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है। इसके साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर एक अंतिम समझौते को लेकर बातचीत शुरू हो जाएगी। हालांकि, यह समझौता अभी अधर में लटका है।
मोजतबा खामेनेई ने नहीं दी है मंजूरी – यरुशलम पोस्ट ने मामले से परिचित एक सूत्र के हवाले से बताया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इस समझौते को मंजूरी नहीं है। इसी वजह से राष्ट्रपति ट्रंप भी इस पर सहमत नहीं हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान और अमेरिकी वार्ताकार टीमों के बीच शायद कोई समझ बन गई हो लेकिन ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने अभी तक कोई मंजूरी नहीं दी है।
ईरान की अर्ध सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने इस बात से इनकार किया कि कोई समझौते का मसौदा अंतिम रूप ले चुका है और मंजूरी का इंतजार कर रहा है। तस्नीम न्यूज ने बातचीत करने वाली टीम के करीबी सूत्र के हवाले से कहा कि अगर किसी समझौते का मसौदा पक्का होता है, तो उसे पाकिस्तानी मध्यस्थों के साथ साझा किया जाएगा और फिर उसकी घोषणा की जाएगी।
ईरान और अमेरिका के बीच डील में क्या है? – ईरान का यूरेनियम- समझौते के ड्राफ्ट में ईरान के समृद्ध यूरेनियम पर रूपरेखा दी गई है। एक्सियोस ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि समझौते में ईरान की प्रतिबद्धता शामिल है कि वह परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा। इसमें यह भी बताया गया है कि 60 दिनों की अवधि के दौरान होने वाली चर्चाओं में सबसे पहली प्राथमिकता ईरान के समृद्ध यूरेनियम को हटाना होगी।
होर्मुज में जहाजों की आवाजाही- होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। इसके बदले में कोई टोल या शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
बारूदी सुरंगें हटाना- ईरान को पहले 30 दिनों के भीतर सभी नौसैनिक बारूदी सुरंगों का पता लगाना होगा और उन्हें हटाना होगा। ये सुरंगें ईरानी नेवी और IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को रोकने के लिए लगाई हैं।
अमेरिकी नाकेबंदी हटाना- इसके बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटा लेगा। यह राहत चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी। व्यापारिक जहाजों को होर्मुज में जितनी सुरक्षित आवाजाही मिलेगी, यह राहत भी उसी के अनुपात में मिलेगी।
Home / Uncategorized / अमेरिका के साथ डील फाइनल लेकिन ईरान के सुप्रीम लीडर ने फंसाया पेच, यूरेनियम से लेकर होर्मुज तक क्या-क्या शामिल
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website