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माली में रक्षा मंत्री की हत्या, पत्नी और पोते-पोती को भी मार डाला, सेना और विद्रोहियों में भीषण लड़ाई


माली के रक्षा मंत्री और उनके परिवार की हत्या कर दी गई है। रक्षा मंत्री सादियो कामारा के घर पर ये ‘आतंकी हमला’ किया गया है। हमले में कामारा, उनकी पत्नी और उनके दो पोते-पोतियों की मौत हुई है। ये हमला शनिवार को राजधानी बमाको के बाहर जुंटा का गढ़ माने जाने वाले किता स्थित कामारा के घर पर कार बम से किया गया। रविवार को कामारा के परिवार और एक अधिकारी ने हमले के बारे में यह जानकारी दी है।
अफ्रीकी देश माली के रक्षा मंत्री के घर पर हमले को अजावाद लिबरेशन फ्रंट (FLA) गठबंधन के तुआरेग विद्रोहियों और ‘ग्रुप फॉर द सपोर्ट ऑफ इस्लाम एंड मुस्लिम्स’ (JNIM) ने मिलकर अंजाम दिया। इससे माली के कई इलाकों में इन गुटों और सेना के बीच लड़ाई भीषण हो गई है। बमाको के पास किता, किदाल, गाओ और सेवेरे में सबसे ज्यादा हिंसा देखी जा रही है।
प्लान के तहत किए गए हमले – एक सुरक्षा सूत्र ने रविवार को एएफपी को बताया कि हमलावरों का मकसद छोटे शहरों को अपने नियंत्रण में लेना नहीं है। वे सुनियोजित तरीके से ऐसी कार्रवाई करना चाहते हैं, जिससे कम से कम किदाल पर कब्जा किया जा सके क्योंकि किदाल एक बहुत ही शक्तिशाली प्रतीक है। इसके लिए सुनियोजित हमले किए गए हैं।
माली एक दशक से ज्यादा समय से हिंसा से जूझ रहा है। इस हिंसा में बीते दो दिन में, खासतौर से शनिवार को बहुत तेज बढ़ोतरी देखी गई है। शनिवार के हमलों को साल 2020 के बाद से सबसे भीषण अटैक माना जा रहा है। साल 2020 में ही सेना ने देश की सत्ता पर कब्जा किया था। कई गुट सेना के खिलाफ लड़ाई छेड़े हुए हैं।
माली में कई आतंकी गुट सक्रिय – माली अपने पड़ोसी देशों नाइजर और बुर्किना फासो के साथ अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट गुट से जुड़े हथियारबंद गुटों से लड़ रहा है। हाल के दिनों में माली, नाइजर और बुर्किना फासो में सुरक्षा की स्थिति बेहद खराब हो गई है। यहां हमलों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसमें आम लोग भी लगातार निशाना बन रहे हैं।
माली सरकार ने शनिवार शाम एक बयान में कहा है कि लड़ाई में 16 नागरिक और सैनिक घायल हुए हैं। सरकार का दावा है कि जिन इलाकों पर हमला हुआ था, वहां हालात पूरी तरह से काबू में हैं। फिलहाल राजधानी में सड़कों पर बैरियर और टायरों से सैन्य ठिकानों तक जाने का रास्ता बंद कर दिया गया है।