Saturday , September 5 2026 4:23 PM
Home / News / डूरंड लाइन काल्पनिक, अफगानिस्तान की पाकिस्तान के साथ आधिकारिक सीमा नहीं… तालिबान की दो-टूक

डूरंड लाइन काल्पनिक, अफगानिस्तान की पाकिस्तान के साथ आधिकारिक सीमा नहीं… तालिबान की दो-टूक


अफगानिस्तान पर काबिज तालिबान ने सीमा विवाद को लेकर पाकिस्तान को दो-टूक चेतावनी दी है। तालिबान सरकार में सीमा और जनजातीय मामलों के मंत्री मुल्ला नूरुल्ला नूरी ने कहा है कि अफगानिस्तान की पाकिस्तान के साथ कोई आधिकारिक सीमा नहीं है। उन्होंने डूरंड लाइन को एक एक काल्पनिक रेखा बताया है। मुल्ला नूरुल्ला नूरी ने यह बयान तोरखम सीमा का दौरा करने के बाद दिया। यह सीमा हाल के दिनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच विवाद का केंद्र बना हुआ है। तालिबान ने धमकी दी है कि अगर पाकिस्तान ने उसकी बात नहीं मानी तो वह तोरखम सीमा पर दीवार चलाकर इसे हमेशा के लिए बंद कर देगा।
पाकिस्तान और तालिबान में क्या है विवाद – पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से आने वाले ट्रक ड्राइवरों के लिए वीजा को अनिवार्य करने का कानून लागू किया है। इससे अफगानिस्तान से आने वाले ड्राइवर अपने सामानों के साथ सीमा पर फंस गए हैं। कुछ ऐसा ही हाल पाकिस्तान में गए अफगान ड्राइवरों के साथ हुआ है। तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान को अगर ऐसा कोई कानून लागू करना था तो उसे अफगानिस्तान की कार्यवाहक सरकार को पहले सूचना देनी चाहिए थी। उधर पाकिस्तान अपने कानून में थोड़ी भी ढील देने को तैयार नहीं है। ऐसे में तालिबान ने पाकिस्तान से लगे अपने दो बॉर्डर क्रासिंग को बंद करने की धमकी दी है।
डूरंड लाइन को क्यों नहीं मानता तालिबान – तालिबान में पश्तूनों की संख्या सबसे ज्यादा है। ये पश्तून पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमाई इलाके में बसे हुए हैं। तालिबान का कहना है कि डूरंड लाइन को अंग्रेजों ने अपने फायदे के लिए बनाया था, जिसमें उनकी कोई सहमति नहीं ली गई। इस लाइन के कारण उनके परिवार बंट गए। उनका कहना है कि वे पिछले 100 साल से भी अधिक समय से इस इलाके में अपने जातीय समूहों के साथ रहते थे, लेकिन इस एक लाइन ने उन्हें दो देशों में पहुंचा दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि पश्तून आपस में मिलने के काबिल भी नहीं बचे।