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‘भारत की मनमानी हरकतें कहीं नहीं टिकेंगी’, सिंधु जल संधि पर हेग कोर्ट के फैसले के बाद हिना रब्बानी खार ने उगला जहर


सिंधु जल संधि पर हेग स्थित इंटरनेशन ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने भारत के खिलाफ जहर उगला है। हिना रब्बानी खार ने सिंधु जल संधि पर भारत की रोक को मनमाना कदम बताया और कहा कि यह फैसला किसी अदालत में नहीं टिक पाएगा। खार ने कोर्ट ऑफर आर्बिट्रेशन के उस आदेश को शेयर किया, जिसमें कहा गया है कि सिंधु नदी के पानी के बंटवारे का समझौता लागू रहेगा और भारत को अपने दायित्यों का पालन करना होगा। भारत ने ट्रिब्यूनल के गठन को अवैध बताते हुए इसके आदेश को खारिज कर दिया है।
हिना रब्बानी खार ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को लेकर भारत पर निशाना साधा। उन्होंने मध्यस्थता अदालत के फैसले पर जारी की मीडिया रिलीज को एक्स पर शेयर किया। इसके साथ उन्होंने लिखा, “भारत की मनमानी हरकतें कभी अंतरराष्ट्रीय कानून या किसी भी अदालत की जांच में टिक नहीं पाएंगी।” खार ने आगे कहा कि “कोई भी सामान्य देश इसे शर्मनाक मानेगा और शायद अपनी नीति में सुधार करने पर विचार करेगा।” इसके पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी इस फैसले का स्वागत किया था। एक बयान में मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करता है कि अंतरिम उपाय जरूरी हैं।
भारत की मनमानी हरकतें कभी अंतरराष्ट्रीय कानून या किसी भी अदालत की जांच में टिक नहीं पाएंगी। सिंधु जल संधि को न तो मनमाने ढंग से रद्द किया जा सकता है, न ही खत्म किया जा सकता है और न ही इसे दरकिनार किया जा सकता है।
भारत ने खारिज किया फैसला – वहीं, भारत ने स्थायी मध्यस्थता अदालत का आदेश सोमवार को खारिज कर दिया, जिसमें पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित रखने के नयी दिल्ली के फैसले को दरकिनार किया गया है। भारत ने कहा कि ‘अवैध रूप से गठित’ इस निकाय को नयी दिल्ली के संप्रभु फैसलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि सिंधु जल संधि (IWT) को निलंबित रखने का भारत का फैसला अब भी प्रभावी है।