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कमांडर की हत्या से इजरायल पर भड़का ईरान, डायरेक्ट एक्शन से लेगा मौत का बदला, दी वॉर्निंग


इजरायल ने सोमवार को ईरान के एक वरिष्ठ कमांडर को सीरिया में एयर स्ट्राइक करके मार दिया था। इस कमांडर का नाम सैय्यद रजी मौसावी है, जो ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) का एक अनुभवी सैन्य सलाहकार था। अब ईरान ने मौसावी की मौत का बदला लेने की बात कही है। IRGC ने कहा है कि वह मौसावी की मौत का बदला लेने के लिए सीधी कार्रवाई करेंगे। इजरायल और हमास के युद्ध के कारण पहले से मिडिल ईस्ट में तनाव हैं। ऐसे में मौसावी की हत्या और भी टेंशन बढ़ा रही है।
इजरायली रक्षा बलों नें हाल के वर्षों में सीरिया में कथित तौर पर ईरान से जुड़े ठिकानों पर सैकड़ों हमले किए हैं। गुरुवार को ईरान में मौसावी के शव को दफनाने की योजना थी। लेकिन उससे एक दिन पहले उनका शव इराक ले जाया गया। स्थानीय मेहर समाचार एजेंसी के मुताबिक IRGC के प्रवक्ता रमजान शरीफ ने चेतावनी दी कि मौसावी की हत्या पर हमारी प्रतिक्रिया प्रत्यक्ष कार्रवाई होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जनरल की इजरायल ने हत्या इसलिए की क्योंकि वह गाजा में विफल हो रहा है।
कैसे शुरू हुआ युद्ध – 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमास के आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में 1400 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से ज्यादातर आम नागरिक थे। इसके अलावा हमास ने 240 लोगों को बंधक बना लिया था। हमास के हमले के बाद से लगातार इजरायल का गाजा पर हमला जारी है। गाजा पर लगातार बम बरस रहे हैं। इजरायल का कहना है कि वह हमास को खत्म करके रहेगा। हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद 21 हजार फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है। इजरायल का मानना है कि हमास से जुड़े 8000 आतंकी मारे गए हैं।
हमास को मदद देता है ईरान – इजरायल और हमास का युद्ध अब पूरे मध्य पूर्व में फैलता दिख रहा है। लेबनान, इराक, सीरिया और यमन के अलग-अलग लड़ाके समूहों का ध्यान इसकी तरफ है। इस सप्ताह इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा कि इजरायल कई मोर्चों पर लड़ रहा है। ईरान भले ही इस युद्ध में सीधे तौर पर न आया हो, लेकिन वह हमास को आर्थिक और सैन्य मदद देता है। इसके अलावा उसके समर्थन वाले आतंकी संगठन इजरायल पर हमला करते हैं। IRGC कमांडर की अंतिम यात्रा में अमेरिका के खिलाफ भी नारे लगाए गए।