
नेपाल के रसुवा में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है जिसमें सैकड़ों जिंदगियां खतरे में पड़ गई हैं। इस भयानक त्रासदी के बीच अब चीन की सफाई आई है। नेपाल में चीनी राजदूत झांग माओमिंग ने कहा है कि नेपाल की तरफ आए एक भूकंप ने ‘आइस एवलांच’ यानि बर्फ के तूफान को जन्म दिया जो बाद में मौत के कीचड़ और बाढ़ में बदल गया। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के डायरेक्ट निर्देश पर चीन ने नेपाल की तरफ मदद का बड़ा हाथ बढ़ाया है। भारी नुकसान झेलने के बावजूद चीन कैश और इमरजेंसी सप्लाई भेज रहा है।
चीनी राजदूत ने उन सवालों पर सफाई देने की कोशिश की है जिनमें आरोप लग रहे हैं कि चीन ने वक्त रहते इस त्रासदी को लेकर अलर्ट जारी नहीं किया था। उन्होंने कहा ‘सबसे पहले मैं यह बताना चाहूंगा कि चीन इस बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण प्राकृतिक आपदा से बहुत दुखी है। हम उन लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं जिनकी जान चली गई और शोक संतप्त परिवारों के साथ-साथ नेपाल की सरकार और लोगों के प्रति भी अपनी सच्ची सहानुभूति प्रकट करते हैं।’ चीन ने कहा है कि शिजैंग (तिब्बत) में बॉर्डर पोर्ट पर मडस्लाइड (कीचड़ का बहाव) से 3 लोगों की मौत हुई है और 558 लापता हैं। वहीं 2 लोगों को बचाया गया है।
क्या दूतावास के पास इस बात की कोई जानकारी है कि बाढ़ कैसे आई? – चीनी दूतावास ने इस सवाल पर कहा कि ‘इस मुश्किल समय में हम नेपाल के साथ मजबूती से खड़े हैं। चीन स्थिति पर बारीकी से नजर रखेगा और हर संभव मदद और सहायता प्रदान करने की पूरी कोशिश करेगा। हम नेपाली पक्ष के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और आपदा से निपटने में एक-दूसरे का समर्थन कर रहे हैं। मुझे यकीन है कि साथ मिलकर हम मुश्किलों से उबरेंगे और अपने खूबसूरत घरों का पुनर्निर्माण करेंगे।’
उन्होंने आगे कहा ‘अभी उपलब्ध शुरुआती जानकारी के आधार पर आज सुबह नेपाली हिस्से में भूकंप आया जिससे बर्फ़ का एवलांच (हिमस्खलन) और उसके बाद मडस्लाइड (कीचड़ का बहाव) हुआ। इसके कारण गियिरोंग-रासुवागढ़ी सीमा क्षेत्र के नेपाली और चीनी दोनों तरफ काफी नुकसान हुआ और लोग लापता हो गए।’
उन्होंने आगे कहा ‘चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस आपदा को बहुत महत्व दिया है और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और बचाव के लिए हर संभव प्रयास करना, खतरे में पड़े लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और आश्रय देना, घायलों का तुरंत इलाज करना और जान-माल के नुकसान को कम से कम करना है। राष्ट्रपति शी ने निगरानी और पूर्व चेतावनी को मजबूत करने, वैज्ञानिक तरीके से बचाव कार्य करने और दूसरी आपदाओं को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।’
Home / News / नेपाल में जलप्रलय के पीछे क्या चीन है? चीनी राजदूत ने दी सफाई, तिब्बत में बाढ़ के बाद 558 लोग लापता
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website