Friday , September 18 2026 11:46 AM
Home / News / India / JL-3 Missile: राई का पहाड़ न बनाएं… पनडुब्बी से परमाणु मिसाइल दागकर बोला चीन, कहा- यह ट्रेनिंग थी

JL-3 Missile: राई का पहाड़ न बनाएं… पनडुब्बी से परमाणु मिसाइल दागकर बोला चीन, कहा- यह ट्रेनिंग थी


चीन ने प्रशांत महासागर में हाल में JL-3 मिसाइल का परीक्षण किया है। यह मिसाइल 10000 किलोमीटर की दूरी तक परमाणु और पारंपरिक हमला करने में सक्षम है। इस मिसाइल को एक अज्ञात परमाणु पनडुब्बी से लॉन्च किया गया था। JL-3 मिसाइल को अमेरिका से लेकर दुनिया के हर उस देश के लिए खतरा बताया गया है, जिनका चीन से विवाद है। ऐसे में चीन ने इस मिसाइल परीक्षण को लेकर सफाई दी है। चीन ने कहा है कि यह एक सामान्य ट्रेनिंग थी, जिसे बहुत ज्यादा तुल नहीं दिया जाना चाहिए।
चीन ने परमाणु मिसाइल टेस्ट पर क्या कहा? – चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को कहा कि बीजिंग दूसरे देशों से अपील करता है कि वे चीन की रणनीतिक मिसाइल के पनडुब्बी से किए गए परीक्षण को जरूरत से ज्यादा महत्व न दें। उन्होंने कहा, “मैं इस बात पर भी जोर देना चाहूंगी कि चीन शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर चलने और रक्षात्मक परमाणु रणनीति अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी देश को इस परीक्षण को ज़रूरत से ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है।”
JL-3 मिसाइल टेस्ट सामान्य गतिविधि: चीन – माओ ने आगे कहा कि यह परीक्षण चीन की सेना की नियमित ट्रेनिंग गतिविधि थी और इसे किसी खास देश या लक्ष्य को ध्यान में रखकर नहीं किया गया था। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि चीन ने सोलोमन आइलैंड्स और दक्षिण प्रशांत क्षेत्र के अन्य देशों को इस परीक्षण के बारे में पहले ही बता दिया था, और चीनी सेना की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों के अनुरूप थी। चीन के रक्षा मंत्रालय ने पहले कहा था कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी ने सोमवार को प्रशांत महासागर में नकली वॉरहेड वाली एक रणनीतिक मिसाइल का पनडुब्बी से सफल परीक्षण किया।
JL-3 मिसाइल के बारे में जानें – चीन की JL-3 तीसरी पीढ़ी की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे पनडुब्बी से लॉन्च किया जा सकता है।
इसे चीन की परमाणु शक्ति से चलने वाली टाइप 094 पनडुब्बी पर तैनात किया गया है।
JL-3 मिसाइल का पहला टेस्ट 24 नवंबर 2018 को बोहाई सागर में किया गया था।
इस मिसाइल को पहली बार 2025 में विक्ट्री डे परेड के दौरान प्रदर्शित किया गया था।
JL-3 मिसाइल 10000 किमी तक हमला करने में सक्षम है।
यह समुद्र से लॉन्च किए जाने पर अमेरिका तक हमला करने क्षमता रखती है।