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युद्ध हमेशा जेंडर न्यूट्रल होता है- बोले आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी, NDA पासिंग आउट परेड का किया रिव्यू


इंडियन आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि युद्ध हमेशा जेंडर न्यूट्रल होता है। युद्ध के मैदान में सिर्फ साहस, क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा मायने रखती हैं। यह मायने नहं रखता कि कोई पुरुष है या महिला। आर्मी चीफ ने एनडीए से पासआउट हो रही महिला कैंडेट्स की सराहना की।
आर्मी चीफ ने किया एनडीए पासिंग आउट परेड का रिव्यू – रिव्यूइंग ऑफिसर के तौर पर संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि मैं आज पास आउट हो रही महिला कैडेट्स को बधाई देता हूं। उन्होंने हर प्रशिक्षण, हर अभ्यास और हर मानक को उसी दृढ़ता के साथ पूरा किया है जैसा उनके साथी कैडेट्स ने किया। इस परेड मैदान पर वे किसी भी अन्य कैडेट से अलग दिखाई नहीं देतीं और यही सबसे महत्वपूर्ण बात है। उन्होंने कहा कि आने वाली चुनौतियों और युद्धक्षेत्रों में साहस, क्षमता, नेतृत्व और दृढ़ संकल्प का कोई लिंग नहीं होता। उत्कृष्टता और कर्तव्यनिष्ठा पुरुष या महिला नहीं देखते, वे केवल समर्पण, योग्यता और संकल्प को पहचानते हैं।
अगले महीने पूरा हो रहा जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कार्यकाल – आर्मी चीफ अगले महीने के आखिर में अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं एक सैनिक के रूप में अपने लंबे जीवन के अंतिम पड़ाव पर खड़ा हूं और आप अपनी वर्दी पहनकर नई यात्रा शुरू करने जा रहे हैं तो मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि आज यहां से शुरू होने वाला यह सफर जीवनभर आपके साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि करीब 42 साल पहले मैं भी इसी परेड ग्राउंड से पास आउट हुआ था।
‘आज प्रतिस्पर्धा और संघर्ष के बीच की रेखा धुंधली हो चुकी’ – जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा और संघर्ष के बीच की रेखा धुंधली हो चुकी है। खतरे अब हमेशा वर्दी पहनकर या औपचारिक युद्धक्षेत्र से नहीं आते। विवादित सीमाओं से लेकर साइबर स्पेस और हाई टेक्नॉलजी वाले युद्धक्षेत्रों तक आज का सुरक्षा वातावरण यह मांग करता है कि देश की सेवा करने वाले सैनिक सिर्फ साहस से ही नहीं, बल्कि तेज सोच और विवेकपूर्ण निर्णय क्षमता के साथ भी काम करें।